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प्रश्न
एक दूसरे से 2 cm की दूरी पर रखी दो समांतर क्षैतिज प्लेटों `P_1P_1^'` एवं `P_2P_2^'` के बीच के स्थान में इलेक्ट्रॉनों का एक संकीर्ण पुंज 3 × 107 m/s के वेग से सममित रूप से प्रवेश कर रहा है जैसा चित्र में दर्शाया गया है।

यदि प्रत्येक प्लेट की लम्बाई 3 cm हो तो उस विभवांतर V के मान का परिकलन कीजिए जिसको प्लेटों के बीच लगाने पर इलेक्ट्रॉन-पुंज ठीक सिरे `P_2^'` को छूता है।
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उत्तर
प्रारंभिक वेग (u) = 3 × 107 m/s
प्लेटों के बीच की दूरी (d) = 2 cm = 0.02 m
प्लेट की लंबाई (l) = 3 cm = 0.03 m
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान (m) = 9.1 × 10−31 kg
इलेक्ट्रॉन का आवेश (e) = 1.6 × 10−19 C
इलेक्ट्रॉन बीच में प्रवेश करता है, इसलिए ऊर्ध्वाधर विस्थापन:
y = `d/2`
= `0.02/2`
= 0.01 m
प्लेटों के बीच यात्रा का समय (t) = `l/u`
= `0.03/(3 xx 10^7)`
= 10−9 s
ऊर्ध्वाधर गति (y) = `1/2 at^2`
⇒ 0.01 = `1/2 a(10^-9)^2`
a = `0.02/(10^-18)`
= 2 × 1016 m/s2
विद्युत बल (F) = ma = eE
E = `(m a)/e`
= `((9.1 xx 10^-31) xx (2 xx 10^16))/(1.6 xx 10^-19)`
E ≈ 1.14 × 105 V/m
विभवांतर (V) = Ed
= 1.14 × 105 × 0.02
≈ 2.3 × 103 V
≈ 2.3 kV
