Advertisements
Advertisements
प्रश्न
दिल्ली में कुछ दिनों तक चाँद के निकलने और डूबने का समय तालिका में दिया गया है।
| तारीख | चाँद निकलने का समय घंटा : मिनट |
चाँद डूबने का समय घंटा : मिनट |
| 28-10-2007 | 19:16 | 08:5 |
| 29-10-2007 | 20:17 | 10:03 |
| 30-10-2007 | 21:22 | 11:08 |
| 31-10-2007 | 22:29 | 12:03 |
28 अक्तूबर को चाँद शाम के ______ बजकर ______ मिनट पर निकला।
29 अक्तूबर को चाँद शाम के ______ बजकर ______ मिनट पर निकला।
29 अक्तूबर को चाँद निकलने में ______ घंटे ______ मिनट का फ़र्क आया।
Advertisements
उत्तर
- 28 अक्तूबर को चाँद शाम के 19 बजकर 16 मिनट पर निकला।
- 29 अक्तूबर को चाँद शाम के 20 बज कर 22 मिनट पर निकला।
- 29 अक्तूबर को चाँद निकलने में 1 घंटे 6 मिनट का फ़र्क आया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
हम धरती पर कैसे टिके होंगे? अगर पृथ्वी ग्लोब जैसी गोल है तो हम गिरते क्यों नहीं?
क्या अर्जेंटीना के लोग उलटे खड़े हैं?
इस खेल के लिए एक छोटा पत्थर (बेर के बराबर), एक बड़ा पत्थर (नींबू के बराबर), और एक कागज़ का रोल लो। कागज़ की कई तहों से रोल बन सकता है।
- लगभग दो फुट लंबी डोरी लो।
- डोरी के एक सिरे पर छोटा पत्थर बाँधो। कागज़ पर चूहा बनाकर पत्थर पर चिपकाओ या बाँधो।
- अब डोरी के दूसरे सिरे को कागज़ के एक रोल में डालों।
- इस सिरे पर बड़ा पत्थर बाँधो और कागज़ पर बनाया हाथी उस पर चिपकाओ।
- कागज़ के रोल को गोल-गोल घुमाओ ताकि छोटा पत्थर घूमने लगे।
- खींच रहा है न चूहा हाथी को! खेल में चूहे ने ऐसा कमाल कैसे दिखाया होगा?

- क्या भारत को पहचान पा रहे हो?
- क्या कोई और जगह पहचान पा रहे हो?
- देखो, समुद्र कहाँ-कहाँ है?
- ग्लोब और इस फ़ोटो में क्या कुछ मिलता-जुलता है? क्या कोई फ़र्क भी दिखता है?
- क्या सुनीता अंतरिक्ष से भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बर्मा को अलग-अलग बता सकती थीं?
क्या चाँद सिक्के की तरह चपटा होगा या बॉल की तरह गोल?
अगली पूर्णमासी कब है? उस दिन चाँद किस समय निकलेगा? कैसा दिखेगा?
अगर तुमने आज शाम को सात बजे चाँद निकलते देखा तो क्या कल भी ठीक सात बजे चाँद देख पाओगे?
31 अक्तूबर को चाँद डूबने का समय 12:03 दिया है। क्या तुमने कभी दिन के बारह बजे चाँद देखा है? दिन में हमें चाँद-तारे आसानी से क्यों नहीं दिखते?
तारे ज़्यादातर रात में ही क्यों दिखते हैं?
सुनीता विलियम्स ने पृथ्वी को देखकर कहा - “यहाँ से अलग-अलग देश नहीं दिखते। ये लाइनें तो कागज़ पर ही होती हैं।" इससे तुम क्या समझे?
