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प्रश्न
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लीखिए।
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उत्तर
- मेगाफ़ोन या लाउडस्पीकर, हॉर्न: तूर्य तथा शहनाई जैसे वाद्य यंत्र, सभी इस प्रकार बनाए जाते हैं कि ध्वनि सभी दिशाओं में फैले बिना केवल एक विशेष दिशा में ही जाती है।
- स्टेथोस्कोप: स्टेथोस्कोप एक चिकित्सा यंत्र है जो शरीर के अंदर, मुख्यत: हृदय तथा फेफड़ों में, उत्पन्न होने वाली ध्वनि को सुनने में काम आता है। स्टेथोस्कोप में रोगी के हृदय की धड़कन की ध्वनि, बार-बार परावर्तन के कारण डॉक्टर के कानों तक पहुँचती है।
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कंपन की आवृत्ति जितनी कम होगी तारत्त्व उतना ही अधिक होगा।
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निम्न वाद्ययंत्र में उस भाग को पहचानिए जो ध्वनि उत्पन्न करने के लिए कंपित होता है -
ढोलक
तरंग का कौन-सा गुण प्रबलता को निर्धारित करता है?
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किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति उसके वेग से किस प्रकार संबंधित है?
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