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ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लीखिए।

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प्रश्न

ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लीखिए।

लघु उत्तरीय
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उत्तर

  1. मेगाफ़ोन या लाउडस्पीकर, हॉर्न: तूर्य तथा शहनाई जैसे वाद्य यंत्र, सभी इस प्रकार बनाए जाते हैं कि ध्वनि सभी दिशाओं में फैले बिना केवल एक विशेष दिशा में ही जाती है।
  2. स्टेथोस्कोप: स्टेथोस्कोप एक चिकित्सा यंत्र है जो शरीर के अंदर, मुख्यत: हृदय तथा फेफड़ों में, उत्पन्न होने वाली ध्वनि को सुनने में काम आता है। स्टेथोस्कोप में रोगी के हृदय की धड़कन की ध्वनि, बार-बार परावर्तन के कारण डॉक्टर के कानों तक पहुँचती है।
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ध्वनि तरंग की विशेषताएँ
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