Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एक दोलक 4 सेकंड में 40 बार दोलन करता है। इसका आवर्तकाल तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
Advertisements
उत्तर
दोलनों की आवृत्ति को प्रति सेकंड कंपन करने वाले वस्तु के दोलनों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसे निम्न प्रकार से दिया जाता है।
आवृत्ति = `"दोलनों की संख्या"/"कुल समय"` = `40/4` = 10 हर्ट्ज
एक दोलन पूरा करने में लगने वाले समय को समय अवधि के रूप में जाना जाता है। इसे आवृत्ति के व्युत्क्रम द्वारा दिया जाता है।
आवर्तकाल = `1/"दोलन की आवृत्ति"` = `1/10` = 0.1 सेकंड
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्न में से किस वाक् ध्वनि की आवृत्ति न्यूनतम होने की सम्भावना है:
कंपन की आवृत्ति जितनी कम होगी तारत्त्व उतना ही अधिक होगा।
एक मच्छर अपने पंखों को 500 कम्पन प्रति सेकंड की औसत दर से कंपित करके ध्वनि उत्पन्न करता है। कंपन का आवर्तकाल कितना है?
तरंग का कौन-सा गुण प्रबलता को निर्धारित करता है?
अनुमान लगाइए कि निम्न में से किस ध्वनि का तारत्व अधिक है?
ध्वनि की प्रबलता तथा तीव्रता में अंतर बताइए।
किसी व्यक्ति का औसत श्रव्य परिसर 20 Hz से 20 kHz है। इन दो आवृत्तियों के लिए ध्वनि तरंगों की तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए। वायु में ध्वनि का वेग 344 m s−1 लीजिए।
दो बालक किसी ऐलुमिनियम पाइप के दो सिरों पर हैं। एक बालक पाइप के एक सिरे पर पत्थर से आघात करता है। दूसरे सिरे पर स्थित बालक तक वायु तथा ऐलुमिनियम से होकर जाने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा लिए गए समय को अनुपात ज्ञात कीजिए।
ध्वनि तरंगों के परावर्तन के दो व्यावहारिक उपयोग लीखिए।
ध्वनि द्वारा उत्पन्न विक्षोभ के लिए दूरी के संदर्भ में दाब या घनत्व के परिवर्तनों को दर्शाने के लिए कोई वक्र खींचिए। इस वक्र पर संपीडन एवं विरलन की स्थितियाँ दर्शाइए। इस व्रक का उपयोग करके तरंगदैर्घ्य एवं आवर्तकाल की परिभाषा दीजिए।
