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CoSO4Cl.5NH3 के दो समावयवी (A) और (B) होते हैं। समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता हैं परंतु BaCl2 से अभिक्रिया नहीं करता।

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प्रश्न

CoSO4Cl.5NH3 के दो समावयवी (A) और (B) होते हैं। समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता हैं परंतु BaCl2 से अभिक्रिया नहीं करता। समावयवी (B), BaCl2 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता है, परंतु AgNO3 से अभिक्रिया नहीं करता। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. A और B को पहचानिए और उनके संरचना सूत्र लिखिए।
  2. सम्मिलित समावयवता का प्रकार लिखिए।
  3. A और B के IUPAC नाम लिखिए।
दीर्घउत्तर
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उत्तर

(i) समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया करता है लेकिन BaCl2 के साथ अभिक्रिया नहीं करता। यह दर्शाता है कि इसमें समन्वय क्षेत्र के बाहर Cl आयन है।

A = [Co(NH3)5SO4]Cl

समावयवी (B), BaCl2 के साथ प्रतिक्रिया करता है लेकिन AgNO3 के साथ अभिक्रिया नहीं करता। यह दर्शाता है कि इसमें SO4 समन्वय क्षेत्र के बाहर है।

B = [Co(NH3)5Cl]SO4

(ii) आयनन समावयवता

(iii) ‘A’ - पेन्टऐम्मीनसल्फेयोकोबाल्ट (III) क्लोराइड

‘B’ - पेन्टाऐम्मीनक्लोरोकोबाल्ट (III) सल्फेट

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उपसहसंयोजन यौगिकों में समावयवता
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अध्याय 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १३६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q VI. 48. | पृष्ठ १३६

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(ii) विपक्ष - [Co(en)2Cl2]+

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कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) कॉलम II (समावयवता)
(A) [Co(NH3)4Cl2]+ (1) ध्रुवण
(B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ (2) आयनन
(C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 (3) उपसहसंयोजन
(D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] (4) ज्यामितीय
  (5) बंधनी

अभिकथन: उभयदंती लिगंडों वाले उपसहसंयोजन यौगिकों में बंधनी समावयवता होती है।

तर्क: उभयदंती लिगंडों में दो भिन्न दाता परमाणु होते हैं।


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