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प्रश्न
समान ज्यामिती वाले यौगिकों का चुंबकीय आघूर्ण भिन्न क्यों होता है?
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उत्तर
संकुलों में यह दुर्बल और प्रबल लिगंडों की उपस्थिति के कारण होता है, जिसके फलस्वरूप इनकी CFSE भिन्न होती है। यदि CFSE उच्च है तो संकुल चुंबकीय आघूर्ण का निम्न मान दर्शाता है तथा इसके विपरीत भी। उदाहरणार्थ [CoF6]3− और [Co(NH3)6]3+, पहले वाला अनुचुंबकीय होता है और बाद वाला प्रतिचुंबकीय होता है।
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