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प्रश्न
चित्र (a) में दर्शाए अनुसार कोई मैनोमीटर किसी बर्तन में भरी गैस के दाब का पाठ्यांक लेता है। पंप द्वारा कुछ गैस बाहर निकालने के पश्चात मैनोमीटर चित्र (b) में दर्शाए अनुसार पाठ्यांक लेता है। मैनोमीटर में पारा भरा है तथा वायुमण्डलीय दाब का मान 76 cm (Hg) है।
- प्रकरणों (a) तथा (b) में बर्तन में भरी गैस के निरपेक्ष दाब तथा प्रमापी दाब cm (Hg) के मात्रक में लिखिए।
- यदि मैनोमीटर की दाहिनी भुजा में 13.6 cm ऊँचाई तक जल (पारे के साथ अमिश्रणीय) उड़ेल दिया जाए तो प्रकरण (b) में स्तर में क्या परिवर्तन होगा? (गैस के आयतन में हुए थोड़े परिवर्तन की उपेक्षा कीजिए।)
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| (a) | (b) |
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उत्तर
वायुमंडलीय दाब P0 = 76 सेमी पारा ।
(i) चित्र (a) में निरपेक्ष दाब P = P0 + 20 cm (Hg)
= 76 cm (Hg) + 20 cm (Hg) = 96 cm (Hg)
प्रमापी (गेज) दाब = (P – P0) = 20 cm (Hg)
चित्र (b) में,
निरपेक्ष दाब P = P0 – 18 cm (Hg)
= 76 से cm (Hg) – 18 cm (Hg)
= 58 cm (Hg)
प्रमापी (गेज) दाब = (P – P0) = -18 सेमी पारा
यह ऋणात्मक (-) चिह्न यह दर्शाता है कि बर्तन में भरी गैस का दाब वायुमण्डलीय दाब से कम है।
(ii) यदि मैनोमीटर की दाहिनी भुजा में 13.6 सेमी ऊँचाई तक जल उड़ेल दिया जाता है, तो चित्र (c) के अनुसार मैनोमीटर की दाहिनी भुजा में पारे का तल नीचे गिरता है तथा बायीं भुजा में यह ऊपर उठता है ताकि तली पर दोनों ओर के दाब समान हो जायें। माना पारे का दाहिनी भुजा से बायीं भुजा में स्थानान्तरण x सेमी है। अत: दोनों भुजाओं में पारे के स्तम्भ का अन्तर 2x सेमी होगा।

∴ 2x × ρ चारा × g = 13.6 × ρजल × h
2x × (136 ρजल) × g = 13.6 × ρजल × g
2x = 1
∴ `x = (1/2)` cm = 0.5 cm
अतः दोनों भुजाओं में पारे ले तलों में अंतर = h + 2x = 18 cm + 2 × 0.5 cm
= 19 cm (दाहिनी भुजा में नीचा)


