हिंदी

C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाश रासायनिक क्लोरीनन पर देता है – तीन समावयवी मोनोक्लोराइड।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाश रासायनिक क्लोरीनन पर देता है –

तीन समावयवी मोनोक्लोराइड।

रासायनिक समीकरण/संरचनाएँ
लघु उत्तरीय
Advertisements

उत्तर

\[\ce{\underset{{n-पेन्टेन}}{CH3 - CH2 - CH2 - CH2 - CH3}}\]

\[\ce{\overset{a}{C}H3\overset{b}{C}H2\overset{c}{C}H2\overset{b}{C}H2\overset{a}{C}H3}\] में समान H-परमाणुओं के तीन समुच्चय हैं, जिन्हें a, b तथा c से चिह्नित किया गया है। प्रत्येक समुच्चय से किसी एकसमान हाइड्रोजन के विस्थापन से समान उत्पाद प्राप्त होता है। अत: तीन समावयवी मोनोक्लोराइड संभव हैं।

shaalaa.com
ऐल्किल हैलाइडों के विरचन की विधियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ १७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 6 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 6.4 (ii) | पृष्ठ १७१

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित से 1-आयडोब्यूटेन प्राप्त करने की समीकरण दीजिए।

1-ब्यूटेनॉल


निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?

प्रोपीन से 1-नाइट्रोप्रोपीन


निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?

प्रोपीन से प्रोपाइन


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH2CH = CH2 + HBr ->[{परॉक्साइड}]}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –

\[\ce{CH3CH = C(CH3)2 + HBr ->}\]


निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?

2-मेथिल-1-प्रोपीन से 2-क्लोरो-2-मेथिलप्रोपेन


निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?

तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड से आइसो-ब्यूटिल ब्रोमाइड


ऐल्कोहॉलों की हैलोजन अम्लों के साथ अभिक्रियाशीलता का क्रम ______ होगा।

(A) CH3CH2—CH2—OH

(B) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3CH2-CH-OH}\\
\phantom{...}|\\
\phantom{......}\ce{CH3}
\end{array}\]

(C) \[\begin{array}{cc}
\phantom{........}\ce{CH3}\\
\phantom{.....}|\\
\ce{CH3CH2-C-OH}\\
\phantom{.....}|\\
\phantom{.......}\ce{CH3}
\end{array}\]


ऐरिल हैलाइडों को ZnCl2 की उपस्थिति में फ़ीनॉलों की HCl के साथ अभिक्रिया द्वारा क्यों नहीं बनाया जा सकता?


यदि प्रयोगशाला में NaI के अतिरिक्त कोई भी आयोडीन युक्त यौगिक उपलब्ध न हो तो आप ऐथेनॉल से आयोडोएथेन कैसे बनाएँगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×