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प्रश्न
C5H12 अणुसूत्र वाले समावयवी ऐल्केनो में से उसको पहचानिए जो प्रकाशरासायनिक क्लोरीनन पर देता है –
केवल एक मोनोक्लोराइड।
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उत्तर
\[\begin{array}{cc}
\phantom{...}\ce{CH3}\\
|\\
\ce{CH3 - C - CH3}\\
|\\
\phantom{.....}\ce{\underset{{निओपेन्टेन}}{CH3}}
\end{array}\]
निओपेन्टेन निओपेन्टेन के सभी H-परमाणु तुल्य हैं अतएव किसी भी H-परमाणु के प्रतिस्थापन से समान उत्पाद प्राप्त होता है।
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निम्नलिखित हैलाइड के एथेनॉल में सोडियम हाइड्रॉसाइड द्वारा विहाइड्रोहैलोजनन के फलस्वरूप बनने वाली सभी ऐल्कीनों की संरचना लिखिए। इसमें से मुख्य ऐल्कीन कौन-सी होगी?
2-क्लोरो-2-मेथिलब्यूटेन
निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
एथेनॉल से एथिल फ्लुओराइड
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{CH3CH2CH = CH2 + HBr ->[{परॉक्साइड}]}\]
प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड C4H9Br (क), ऐल्कोहॉलिक KOH में अभिक्रिया द्वारा यौगिक (ख) देता है। यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से यौगिक ‘ग’ देता है जो कि यौगिक ‘क’ का समावयवी है। जब यौगिक ‘क’ की अभिक्रिया सोडियम धातु से होती है तो यौगिक ‘घ’ C8H18 बनता है, जो कि ब्यूटिल ब्रोमाइड की सोडियम से अभिक्रिया द्वारा बने उत्पाद से भिन्न है। यौगिक ‘क’ का संरचना सूत्र दीजिए तथा सभी अभिक्रियाओं की समीकरण दीजिए।
ऐल्किल फ्लुओराइडों का विरचन ऐल्किल क्लोराइड/ब्रोमाइड को ______ अथवा ______ की उपस्थिति में गरम करके किया जा सकता है।
(i) CaF2
(ii) CoF2
(iii) Hg2F2
(iv) NaF
अणु में द्विआबंध की उपस्थिति ज्ञात करने के लिए एक परीक्षण लिखिए।
यदि प्रयोगशाला में NaI के अतिरिक्त कोई भी आयोडीन युक्त यौगिक उपलब्ध न हो तो आप ऐथेनॉल से आयोडोएथेन कैसे बनाएँगे?
