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“बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।” का अर्थ है ‘अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।’ क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।

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प्रश्न

“बीती ताहि बिसारि दे आगे की सुधि लेइ।” का अर्थ है ‘अतीत को भूलना और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।’ क्या आप इस बात से सहमत हैं? क्यों? उदाहरण देकर समझाइए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

  • हाँ, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ। अतीत में जो हो चुका, उसे बदला नहीं जा सकता। उसी को याद करते रहने से वर्तमान और भविष्य दोनों खराब हो जाते हैं।
  • उदाहरण के लिए, एक बार मेरी गणित की परीक्षा में बहुत कम नंबर आए थे। पहले मैं बहुत दुखी रहा, फिर मैंने उस असफलता को भूलकर आगे की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। अगली परीक्षा में मैंने अच्छे नंबर पाए। हाँ, अतीत से सीख अवश्य लेनी चाहिए, पर उसी के दुख या गलती में जकड़े नहीं रहना चाहिए। इसीलिए कवि कहता है– बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ।
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अध्याय 6: गिरिधर कविराय की कुंडलिया - पाठ से आगे [पृष्ठ ७९]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 6 गिरिधर कविराय की कुंडलिया
पाठ से आगे | Q (ख) | पृष्ठ ७९
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