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प्रश्न
भगत के व्यक्तित्व और उनकी वेशभूषा का अपने शब्दों में चित्र प्रस्तुत कीजिए।
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उत्तर
बालगोबिन भगत गृहस्थ होते हुए भी साधु-संन्यासियों जैसे गुणों वाले थे। वे किसी को कष्ट नहीं देते, बिना अनुमति किसी वस्तु को नहीं छूते और कबीर के आदर्शों का पालन करते थे। वे अंधेरा रहते गंगा स्नान कर भजन गाते थे।
उनकी वेशभूषा साधुओं जैसी थी। सफेद बाल-दाढ़ी, गले में तुलसी की माला, सिर पर टोपी, तन पर साधारण कपड़े और सर्दियों में केवल एक काला कंबल ओढ़ते थे। मधुर स्वर में भजन गाना उनकी विशेषता थी।
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