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बेन्जीन में तीन द्वि-आबंध होते हैं, फिर भी यह अत्यधिक स्थायी है, क्यों?

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प्रश्न

बेन्जीन में तीन द्वि-आबंध होते हैं, फिर भी यह अत्यधिक स्थायी है, क्यों?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

बेन्जीन का अति स्थायित्व अनुनाद या π-इलेक्ट्रॉनों के विस्थानीकरण के कारण होता है। बेन्जीन में सभी 6π-इलेक्ट्रॉन (तीन आबंधों के) विस्थानीकृत (delocalised) होते हैं तथा अणु को स्थायित्व प्रदान करते हैं।

                         बेन्जीन में 6π-इलेक्ट्रॉनों का विस्थानीकरण

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एल्कीन - द्विआबंध की संरचना
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अध्याय 9: हाइड्रोकार्बन - अभ्यास [पृष्ठ ४०५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 9 हाइड्रोकार्बन
अभ्यास | Q 13.10 | पृष्ठ ४०५
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