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“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब” “गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहरा” हमारे देश में वर्षा के आने पर अनेक गीत और लोकगीत गाए जाते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर वर्षा

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प्रश्न

“बागों में गीत सुंदर, गाती हैं मालिनें अब”
“गाते हैं गीत कैसे, लेते किसान मनहरा”

हमारे देश में वर्षा के आने पर अनेक गीत और लोकगीत गाए जाते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर वर्षा से जुड़े गीत व लोकगीत ढूँढ़िए और लिखिए। इस कार्य के लिए आप अपने परिजनों, शिक्षकों, इंटरनेट और पुस्तकालय की भी सहायता ले सकते हैं।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

हिंदी गीत:

“सावन की बौछारों में, मन मयूर नाचे,
मोर के पंख फैलाए, मीठी बाँसुरी बजे।”

“आओ सखी, मचलें हम, बारिश में भीगने चलें,
रिमझिम बूँदें गिर रही हैं, चलो, हर खुशी गाने चलें।”

राजस्थानी शैली में रचित गीत:

“बरसात री राती, बेरा आया ओले,
मोर नाच रै, बगुला बधाई दे।”

गुजराती शैली में रचित गीत:

“आनंदे सावन वाळा, सागर री छटा भारी,
मोर पंखी छाले, आकाश मझे बादल जारी।”

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अध्याय 7: वर्षा-बहार - पाठ से आगे [पृष्ठ ९३]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 7 वर्षा-बहार
पाठ से आगे | Q 1. | पृष्ठ ९३
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