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प्रश्न
“औपचारिक क्षेत्र में रोज़गार, अनौपचारिक क्षेत्र में नौकरियों की तुलना में बेहतर आय व सामाजिक लाभ सुनिश्चित करता है।”
वैध कारण व उदाहरण के साथ उपर्युक्त कथन का समर्थन या खंडन करें।
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उत्तर
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दो क्षेत्रों की परिभाषा: औपचारिक (या संगठित) क्षेत्र में वे सभी सार्वजनिक‑क्षेत्र की संस्थाएँ और वे निजी कंपनियाँ सम्मिलित हैं जो 10 या उससे अधिक नियोजित कर्मियों को रोजगार देती हैं। इन पर सरकारी नियम‑नियमन लागू होते हैं। अनौपचारिक (असंगठित) क्षेत्र में लाखों छोटे उद्यम, किसान और आकस्मिक मज़दूर आते हैं, जो आधिकारिक श्रम कानूनों के दायरे के बाहर कार्यरत होते हैं।
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कथन का समर्थन: यह कथन अधिकांशतः रक्षा योग्य है क्योंकि औपचारिक रोजगार एक “सामाजिक सुरक्षा छत्र” प्रदान करता है। औपचारिक क्षेत्र के कर्मियों को नियमित वेतन, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि तथा पेंशन जैसे लाभ मिलते हैं। साथ ही कार्य‑समय, कार्यस्थल सुरक्षा इत्यादि के सम्बन्ध में कानूनी सुरक्षा भी उपलब्ध रहती है, जो जीवन‑स्तर को उन्नत बनाती है। उदाहरणतः एक बैंक‑कर्मी के पास चिकित्सा अवकाश और अन्य सुरक्षा‑नेट सुनिश्चित होते हैं, जबकि एक सड़क विक्रेता के पास ऐसे संरचित संरक्षण नहीं होते।
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समन्वित/सूक्ष्म दृष्टिकोण: यह भी तर्क दिया जा सकता है कि विकासशील देशों जैसे भारत में अनौपचारिक क्षेत्र रोजगार का मूलाधार है, क्योंकि जब औपचारिक क्षेत्र पर्याप्त नौकरियाँ उत्पन्न नहीं कर पाता तब अनौपचारिक क्षेत्र लोगों को आजीविका देता है। यद्यपि इसमें संरचित लाभों की कमी होती है, परंतु यह सीमित औपचारिक शिक्षा वाले व्यक्तियों के लिये लचीलापन और उद्यमिता के अवसर प्रदान करता है। तथापि, “सुरक्षा” और “निश्चित लाभों” के संदर्भ में औपचारिक क्षेत्र अभी भी श्रेष्ठ माना जाता है।
