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प्रश्न
29 जून, 2025 को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने साझा किया कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को ट्रेकोमा (नेत्रों से संबंधित एक रोग) - मुक्त घोषित किया है। यह स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, जागरूकता व चिकित्सा अभिगम में निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
उपर्युक्त कथन के आलोक में, बताएँ कि स्वास्थ्य सेवा में निवेश किसी राष्ट्र की सामाजिक आर्थिक स्थिति में किस प्रकार योगदान देती है। अपने उत्तर के समर्थन में कारण दें।
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उत्तर
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दीर्घकालिक सामाजिक लाभ: सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक चिकित्सा न केवल परिवारों पर बल्कि सरकार पर भी दीर्घकालिक आर्थिक बोझ कम करती है। एक स्वस्थ समाज शिक्षा और कौशल‑प्रशिक्षण के प्रति अधिक ग्रहणशील होता है, जिससे विकास, आय के उच्च स्तर और जीवन‑मानक में सुधार का एक सकारात्मक चक्र बनता है।
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आर्थिक दक्षता में वृद्धि: जब ट्राकोमा जैसे रोग समाप्त कर दिए जाते हैं, तो रोग‑आवृत्ति (morbidity rate) घट जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि बीमारी के कारण खोए गए कार्य‑दिवस कम हो जाते हैं। परिणामस्वरूप श्रमबल की समग्र दक्षता बढ़ती है, जो उद्योग, कृषि एवं सेवा क्षेत्रों में स्थिर विकास को सक्षम बनाती है।
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मानव पूंजी के स्तम्भ के रूप में स्वास्थ्य: स्वास्थ्य‑सेवा में निवेश मानव पूंजी के निर्माण का प्राथमिक चालक है। शारीरिक रूप से स्वस्थ जनसंख्या अधिक ऊर्जावान होती है और लंबे कार्यकाल सहने में सक्षम रहती है, जिससे देश की श्रम उत्पादकता सीधे बढ़ती है। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तक पहुँच में सुधार करके कोई राष्ट्र यह सुनिश्चित करता है कि उसके नागरिक आर्थिक गतिविधियों में प्रभावी रूप से योगदान दे सकें।
