हिंदी

अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं। (i) इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।

  1. इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  2. इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
  3. विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
  4. लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है
संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

(ii) इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।

(iii) विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।

स्पष्टीकरण -

सिलिकॉन (संयोजिकता इलेक्ट्रॉन - 4) इलेक्ट्रॉन समृद्ध अशुद्धता के साथ अपमिश्रित किया गया, अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन के कारण एक n-प्रकार अर्धचालक है और विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित किए गए सिलिकॉन की चालकता को बढ़ाते हैं।

shaalaa.com
विघुतीय गुण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q II. 43. | पृष्ठ ९

संबंधित प्रश्न

जिन आयनिक ठोसों में धातु आधिक्य दोष के कारण ऋणायनिक रिक्तिका होती हैं, वे रंगीन होते हैं। उपयुक्त उदाहरण की सहायता से समझाइए।


वर्ग 14 के तत्त्व को n- प्रकार के अर्द्धचालक में उपयुक्त अशुद्धि द्वारा अपमिश्रित करके रूपान्तरित करना है। यह अशुद्धि किस वर्ग से सम्बन्धित होनी चाहिए?


नॉनस्टॉइकियोमीट्री क्यूप्रस ऑक्साइड, Cu2O प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है। इसमें कॉपर तथा ऑक्सीजन का अनुपात 2 : 1 से कुछ कम है। क्या आप इस तथ्य की व्याख्या कर सकते हैं कि यह पदार्थ p- प्रकार का अर्द्धचालक है?


निम्नलिखित को p-प्रकार या n-प्रकार के अर्धचालकों में वर्गीकृत कीजिए –

Si से डोपित B


बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक एवं अर्धचालक में क्या अन्तर होता है?


किसी शुद्ध क्रिस्टल में जालक स्थल ______ द्वारा अध्यासित नहीं हो सकता?


सिलिकन से n -प्रकार का अर्धचालक प्राप्त करने के लिए, किस संयोजकता वाले पदार्थ को इसमें अपमिश्रित करना चाहिए?


विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
  2. इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
  3. इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
  4. इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।

अर्धचालकों की चालकता ताप बढ़ाने के साथ-साथ क्यों बढ़ती जाती है?


अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।

तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×