Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?
Advertisements
उत्तर
अरहर और सनई के खेत कवि को सोने की किंकणियों (करधनी) के समान प्रतीत होते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?
कवयित्री का 'घर जाने की चाह' से क्या तात्पर्य है?
कवयित्री ने अपने व्यर्थ हो रहे प्रयासों की तुलना किससे की है और क्यों?
रसखान अगले जन्म में मनुष्य बनकर कहाँ जन्म लेना चाहते थे और क्यों ?
कवि किस गिरि का पत्थर बनना चाहते हैं और क्यों?
कवि का ब्रज के वन, बाग और तालाब को निहारने के पीछे क्या कारण हैं?
चौथे सवैये के अनुसार गोपियाँ अपने आप को क्यों विवश पाती हैं?
बच्चों को किस समय और कहाँ जाते हुए देखकर कवि को पीड़ा हुई है? बच्चे काम पर जा रहे हैं’ कविता के आलोक में लिखिए।
भाव स्पष्ट कीजिए -
बालू के साँपों से अंकित
गंगा की सतरंगी रेती
'इस विजन में ......... अधिक है'- पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों?
कविता में से उन पंक्तियों को ढूँढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है-
और चारों तरफ़ सूखी और उजाड़ ज़मीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।
कविता को पढ़ते समय कुछ मुहावरे मानस-पटल पर उभर आते हैं, उन्हें लिखिए और अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
पत्थर कहाँ पड़े हुए हैं? वे क्या कर रहे हैं? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता के आधार पर लिखिए?
काव्य-सौंदर्य लिखिए -
पाहुन ज्यों आए हों गाँव में शहर के।
मेघ आए बड़े बन-ठन के सवँर के।
कविता में आए मुहावरों को छाँटकर अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।
लता रूपी नायिका ने मेहमान से अपना रोष किस प्रकार प्रकट किया?
‘बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके’ के आधार पर बताइए कि ऐसा कब हुआ और क्यों?
शहरी मेहमान के आने से गाँव में जो उत्साह दृष्टिगोचर होता है, उसे मेघ आए कविता के आलोक में लिखिए।
कवि की माँ ईश्वर से प्रेरणा पाकर उसे कुछ मार्ग-निर्देश देती है।आपकी माँ भी समय-समय पर आपको सीख देती होंगी -
(क) वह आपको क्या सीख देती हैं?
(ख) क्या उसकी हर सीख आपको उचित जान पड़ती है? यदि हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
‘यमराज की दिशा’ कविता में माँ ने कवि को जो भय दिखाया है। वह कितना सार्थक था?
