हिंदी

अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अंदाज़ा लगाओ कि बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में कौन-सी बातें मिलती-जुलती हो सकती हैं? और क्या फ़र्क है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

बकरवाल और चांगपा लोगों की जिंदगी में मिलती जुलती बातें -

  • दोनों जम्मू कश्मीर के पहाड़ों में रहते हैं।
  • दोनों एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं।
  • वे दोनों बकरियों, याक, भेड़ आदि तरह के जानवरों पर निर्भर हैं।
  • वे ऊन आदि बेचकर अपनी जीविका चलाते हैं।

बकरवाल और चांगपा लोगों में अंतर -

  • बकरवाल लोग सभी तरह की बकरियों और भेड़ों को पालते हैं तथा किसी भी स्थान पर चारे के लिए ले जाते हैं।
  • बकरवाल लोग कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों पर रहते हैं।
  • जबकि चांगपा लोग विशेष तरह की बकरियों को पालते हैं।
  • चांगपा लोगों की भेड़ जो ज्यादा ऊँचाईयों पर रहती है ज्यादा मुलायम तथा अच्छे किस्म की ऊन देती हैं।
  • चांगपा लोग ज्यादा ऊँचाई वाले पहाड़ों पर रहते हैं।
shaalaa.com
बसेरा ऊँचाई पर
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 13: बसेरा ऊँचाई पर - सोचो और लिखो [पृष्ठ १३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
अध्याय 13 बसेरा ऊँचाई पर
सोचो और लिखो | Q 2 | पृष्ठ १३०

संबंधित प्रश्न

नक्शे में देखकर बताओ कि मुंबई से कश्मीर जाने के रास्ते में कौन-कौन से राज्य आएँगे?


मनाली मैदानी इलाका है या पहाड़ी? वह शहर कौन-से राज्य में है?


क्या तुम कभी टेंट में रहे हो? कहाँ? कैसा अनुभव था?


मान लो, तुम्हें अकेले पहाड़ पर दो दिन तक एक टेंट में रहना है और तुम अपने साथ केवल दस चीज़ें ले जा सकते हो। उन दस चीज़ों की सूची बनाओ, जो तुम ले जाना चाहोगे।


ताशी के इलाके के लोग सर्दियों में नीचे की मंज़िल पर रहते हैं। वे ऐसा क्यों करते होंगे?


ऐसे पाँच उदाहरण सोचो और लिखो कि जानवर तुम्हारी जिंदगी से कैसे जुड़े हैं।


क्या तुम्हारे इलाके में भी अलग-अलग तरह के घर हैं? अगर हाँ, तो इसके कारण सोचो।


अपने घर के बारे में सोचो। घर बनाने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल हुआ है? मिट्टी, पत्थर, लकड़ी या सीमेंट? अपने घर की खास बात चित्र द्वारा दिखाओ।


इस चित्र को देखो। क्या इसमें कुछ घर पहचान पा रहे हो? ये लकड़ी और मिट्टी के घर हैं जिनमें सर्दियों में कोई नहीं रहता। गर्मियों में बकरवाल लोग यहाँ रहने आते हैं जब वे बकरियों को चराने के लिए पहाड़ों की उँचाइयों पर ले जाते हैं।

 


तुमने जम्मू-कश्मीर के तरह-तरह के बसेरों के बारे में पढ़ा - कुछ ऊँचे पहाड़ पर, कुछ पानी में, कुछ जिनमें लकड़ी और पत्थर पर सुंदर डिज़ाइन हैं, कुछ जिन्हें बाँधकर किसी और जगह भी ले जाया जा सकता है। बताओ, यह बसेरे वहाँ के लोगों की ज़रूरत के हिसाब से कैसे बने हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×