Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
Advertisements
उत्तर १
किसी अम्ल के जलीय विलयन में हाइड्रोजन (H+) या हाइड्रोनियम (H3O+) आयनों की उपस्थिति विद्युत चालन के लिए जिम्मेदार होती है।
उत्तर २
आवेशित कणों के कारण जलीय विलयन में विद्युत का संचालन होता है। आवेशित कणों को आयन कहते हैं और वे विद्युत का संचालन करने में मदद करते हैं।
उत्तर ३
पानी में घुलने पर अम्ल अलग होकर H+ आयन और एक ऋणायन छोड़ते हैं। जब जलीय घोल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो आयन बैटरी के विपरीत आवेशित टर्मिनलों की ओर बढ़ने लगते हैं, जिससे विद्युत का संचालन होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) तथा परखनली ‘B’ में ऐसिटिक अम्ल (CH3COOH) डालिए। दोनों अम्लों की मात्रा तथा सांद्रता समान हैं। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों?
क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?
- विलयन का ताप बढ़ता है
- विलयन का ताप घटता है
- विलयन का ताप समान रहता है
- लवण का निर्माण होता है
सामान्य लवण रसोई में उपयोग किए जाने के अतिरिक्त किसके निर्माण में कच्चे माल के रूप में उपयोग में आता है?
- धावन सोडा
- विरंजक चूर्ण
- बेकिंग सोडा
- बुझा सोना
कॉलम (A) में दिए गए रासायनिक पदार्थों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके अनुप्रयोगों से कीजिए।
| कॉलम (A) | कॉलम (B) |
| ब्लीचिंग पाउडर | काँच का विरचन |
| बेकिंग सोडा | H2 तथा Cl2 का उत्पादन |
| धावन सोडा | विरंजन |
| सोडियम क्लोराइड | प्रति-अम्ल |
सुमेलन का सही सेट है -
समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?

जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?
- यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
- यह विलयन में आयनित होता है।
- यह विलयन में हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल दोनों आयन देता है।
- यह जल के अणु से संयोग के कारण विलयन में हाइड्रोनियम आयन बनता है।
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के तनु जलीय विलयन में निम्नलिखित में से कौन उपस्थित होंगे?
निम्नलिखित पदार्थों की लिटमस पत्र पर क्या क्रिया होगी?
शुष्क HCl गैस, नम NH3 गैस, नींबू का रस, कार्बोनिकृत पेय पदार्थ, दही, साबुन का विलयन।
चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

- परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
- जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
