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प्रश्न
अभिकथन (A): चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा, चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और चालक में प्रवाहित होने वाली धारा की दिशा, दोनों को उत्क्रमित करने पर अपरिवर्तित रहती है।
कारण (R): बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा चुम्बकीय दिक्सूची से ज्ञात की जा सकती है।
विकल्प
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
अभिकथन (A) ग़लत है, परन्तु कारण (R) सही है।
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उत्तर
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
स्पष्टीकरण:
यदि धारा और चुम्बकीय क्षेत्र दोनों की दिशा उलट दी जाए, तो बल की दिशा नहीं बदलती, इसलिए अभिकथन सही है। लेकिन बल की दिशा चुम्बकीय दिक्सूची से नहीं, बल्कि फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से ज्ञात की जाती है, इसलिए कारण गलत है।
