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प्रश्न
आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रिया को संतुलित कीजिए-
\[\ce{H2O2(aq) + Fe^2+(aq) -> Fe^{3+}(aq) + H2O(l)}\] (अम्लीय माध्यम)
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उत्तर
पद 1: पहले हम ढाँचा समीकरण लिखते हैं-
\[\ce{H2O2(aq) + Fe^2+(aq) -> Fe^{3+}(aq) + H2O(l)}\]
पद 2: दो अर्द्ध-अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं-
(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया: \[\ce{\overset{+2}{Fe}^2+(aq) -> \overset{+3}{Fe}^3+(aq)}\]
(ii) अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया: \[\ce{H2\overset{-1}{O2}(aq) -> H2O^{-2}(l)}\]
पद 3: ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया में Fe परमाणु संतुलन करने पर हम लिखते हैं-
\[\ce{Fe^2+(aq)-> Fe^3+(aq)}\]
पद 4: अपचयन अर्द्ध -अभिक्रिया में O परमाणुओं के संतुलन के लिए हम समीकरण इस प्रकार लिखते हैं-
\[\ce{H2O2(aq) -> 2H2O(l)}\]
H परमाणुओं के संतुलन के लिए हम बाईं ओर दो H+ आयन जोड़ देते हैं-
\[\ce{H2O2(aq) + 2H^+(aq) -> 2H2O(l)}\]
पद 5: इस पद में हम दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं में आवेश का संतुलन दर्शाई गई विधि द्वारा करते हैं-
\[\ce{Fe^2+(aq)-> Fe^3+(aq) + e^-}\]
\[\ce{H2O2(aq) + 2H^+(aq) + 2e^- -> 2H2O(l)}\]
इलेक्ट्रॉन की संख्या को एकसमान बनाने के लिए ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया को 2 से गुणा करते हैं-
\[\ce{2Fe^2+(aq)-> 2Fe^3+(aq) + 2e^-}\]
\[\ce{H2O2(aq) + 2H^+(aq) + 2e^- -> 2H2O(l)}\]
पद 6: दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं को जोड़ने पर-
\[\ce{H2O2(aq) + 2Fe^2+(aq) + 2H^+(aq) -> 2H2O(l) + 2Fe^3+(aq)}\]
अंतिम सत्यापन दर्शाता है की दोनों ओर के परमाणुओं की संख्या तथा आवेश की दॄष्टि से समीकरण संतुलित है।
