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प्रश्न
आशय स्पष्ट करें-
कैसी मधुर मनोहर उज्ज्वल हैं यह प्रेम कहानी।
जी में हैं अक्षर बन इसके बनूँ विश्व की बानी।
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उत्तर
कवि कहता है कि प्रकृति के सौंदर्य की प्रेम-कहानी को लहर, तट, तिनके, पेड़, पर्वत, आकाश, और किरण पर लिखा हुआ अनुभव किया जा सकता है। कवि की इच्छा है कि वह मन को हरने वाली उज्ज्वल प्रेम कहानी का अक्षर बने और संसार की वाणी बने। वह प्रकृति का अभिन्न हिस्सा बनना चाहता है।
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