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प्रश्न
आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:
`"log"[(x + upsilon"t")/x_0]`
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उत्तर
इसका प्रतिलोम सत्य नहीं है। फलन f(x ± ut) को प्रगामी तरंग निरूपित करने के लिए इस फलन को प्रत्येक क्षण तथा प्रत्येक बिन्दु पर निश्चित तथा परिमित होना चाहिए।
जब x →∞ अथवा t →∞ तो फलन `"log"[ \frac { x+\upsilon "t" } (x _0)]` अपरिमित हो जाएगा; अत: यह फलन प्रगामी तरंग को निरूपित नहीं कर सकता।
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(x - υt)2
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`1/(x + upsilon"t")`
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