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प्रश्न
आकाशवाणी का इतिहास लिखिए।
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
आकाशवाणी का इतिहास:
- 'इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' (आईबीसी) नामक एक निजी रेडियो केंद्र प्रतिदिन कार्यक्रम प्रसारित करने वाला पहला प्रसारण केंद्र था।
- बाद में इस कंपनी पर अंग्रेज सरकार का अधिकार हो गया और इसका नाम 'इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस' (आईएसबीएस) रखा गया। ८ जून १९३६ ई.को. इस कंपनी का नामकरण 'ऑल इंडिया रेडियो' (एआईआर) हुआ।
- भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद ऑल इंडिया रेडियो भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण विभाग का एक अंग बन गया। आरंभ में वह सरकारी कार्यक्रमों एवं उपक्रमों का प्रसारण करता था।
- विख्यात कवि पंडित नेरंद्र शर्मा के, सुझाव पर इसे 'आकाशवाणी' नाम दिया गया। आकाशवाणीद्वारा मनोरंजन के विभिन्न कार्यक्रमों के साथ-साथ किसान, मजदूर, युवा वर्ग तथा महिलाओं लिए विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।
- लोकप्रिय रेडियो सेवा 'विविधभारती' दवारा २४ भाषाओं और १४६ बोली भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं।
- वर्तमान समय में 'रेडियो मिरची' जैसी निजी रेडियो सेवा शुरू हुई हैं।
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प्रसार माध्यमों का इतिहास
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भारत में पहला अंग्रेजी समाचारपत्र __________ ने प्रारंभ किया।
दूरदर्शन __________ माध्यम है।
निम्न में से असत्य जोड़ी को पहचानकर लिखिए।
टिप्पणी लिखिए।
स्वतंत्रता संग्राम में समाचारपत्रों का योगदान
निम्न कथन कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
सभी प्रसार माध्यमों में दूरदर्शन अत्यंत लोकप्रिय माध्यम है।
संकल्पनाचित्र बनाइए।
| समाचारपत्र | आकाशवाणी | दूरदर्शन | |
| प्रारंभ/पृष्ठभूमि | |||
| जानकारी का/कार्यक्रमों का स्वरूप | |||
| कार्य |
दिए गए समूह में से गलत जोड़ी पहचानकर लिखिए:
निम्नलिखित कथन को कारणसहित स्पष्ट कीजिए:
बाल ज. पंडित का आकाशवाणी से क्रिकेट मैचों का धाराप्रवाह निवेदन रोचक और आकर्षक होता था।
निम्न में से असत्य जोड़ी पहचानकर उसे सुधारिए और पुन: लिखिए:
निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए:

