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प्रश्न
निम्न अनुच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
आकाशवाणी: स्वतंत्रतापूर्व समय में १९२4 ई. में ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ (आयबीसी) नाम से प्रतिदिन कार्यक्रमों का प्रसारण करने वाला एक निजी रेडियो केंद्र प्रारंभ हुआ। बाद में अंग्रेज सरकार ने इस कंपनी का ‘इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेस’ (आयएसबीएस) नामकरण किया। ८ जून १९३६ ई. को इस कंपनी का नामकरण ‘ऑल इंडिया रेडिओ’ (एआयआर) हुआ।
भारत स्वतंत्र होनेके पश्चात AIR भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण विभाग का एक अंग बना। इसका प्रारंभिक स्वरूप सरकारी कार्यक्रमों और उपक्रमों की जानकारी देनेवाला अधिकृत केंद्र था। विख्यात कवि पंडित नरेंद्र शर्मा के सुझाव पर इसे ‘आकाशवाणी’ नाम दिया गया। आकाशवाणी द्वारा विविध मनोरंजनपर कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। इसी तरह; किसान, मजदूर, युवा वर्ग और महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। लोकप्रिय रेडियो सेवा ‘विविधभारती’ द्वारा २४ भाषाओं और १४६ बोली भाषाओं में कार्यक्रम प्रारंभ हुए हैं। वर्तमान समय में निजी रेडियो सेवाएँ शुरू हुई हैं। जैसे-रेडियो मिरची।
- आकाशवाणी का समावेश किस विभाग के अंतर्गत होता है?
- IBC का बाद में नामकरण क्या हुआ?
- विविधभारती द्वारा कितनी भाषाओं और बोली भाषाओं में कार्यक्रम प्रस्तुत होते हैं?
- आकाशवाणी नाम कैसे मिला?
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उत्तर
- आकाशवाणी का समावेश भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण विभाग के अंतर्गत होता है।
- IBC से तात्पर्य है इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी। इस निजी रेडियो केंद्र का अंग्रेजी सरकार ने पहले 'इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस कंपनी' (ISBS) नाम रखा और बाद में इसका नामकरण 'ऑल इंडिया रेडियो (ए.आय.आर.)' के नाम से किया।
- आकाशवाणी की 'विविध भारती' सेवा द्वारा २४ भाषाओं और १४६ बोली भाषाओं में कार्यक्रम प्रस्तुत होते हैं।
- विख्यात कवि पंडित नरेंद्र शर्मा के सुझाव पर ऑल इंडिया रेडियो को 'आकाशवाणी 'नाम मिला।
