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प्रश्न
8.0 kg द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनियम के छोटे ब्लॉक में छिद्र करने के लिए किसी 10 kw की बरमी का उपयोग किया गया है। 2.5 मिनट में ब्लॉक के ताप में कितनी वृद्धि हो जाएगी? यह मानिए कि 50% शक्ति तो स्वयं बरमी को गर्म करने में खर्च हो जाती है अथवा परिवेश में लुप्त हो जाती है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.91 J g-1K-1 है।
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उत्तर
बरमी की शक्ति P = 10 kw = 104 w = 104 J/s
समय t = 2.5 मिनट = 2.5 × 60 s = 150 s
∴ बरमी द्वारा प्रयुक्त ऊर्जा w = P × T = (104 J/s) × 150 s
= 1.5 × 106 J
m = 8.0 किग्रा के ऐल्युमीनियम के छोटे ब्लॉक द्वारा बरमी की प्रयुक्त ऊर्जा से ली गयी ऊर्जा
Q = W का 50% = `((1.5 xx 10^6 xx 50)/100) "J" = 7.5 xx 10^5` J
ऐल्युमिनियम की विशिष्ट उष्माधारिता अर्थात विशिष्ट ऊष्मा
s = 0.91 J/g - केल्विन
= 0.93 × 103 J/kg - केल्विन
यदि गुटके के ताप में वृद्धि ΔT हो तो Q = m × s × ΔT से,
ΔT `= "Q"/("m" xx "s") = (7.5 xx 10^5 "J")/(8.0 "kg" xx 0.9 xx 10^3 "J"//"kg" - "केल्विन")`
= 103 K या 103°C
