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प्रश्न
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
प्रतीप अभिक्रिया के लिए समान ताप पर Kc का मान क्या होगा?
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उत्तर
`"K'"_"c" = 1/"K"_"c"`
= `1/(8.3 xx 10^-3)`
= 1.2048 × 102
= 120.48
संबंधित प्रश्न
लोह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है, वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनोक्साइड के द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लोह एवं CO2 मिलते हैं।
\[\ce{FeO(s) + CO(g) ⇌ Fe(s) + CO2(g)}\]; Kp = 0.265 atm at 1050 K
1050 K पर CO एवं CO2 के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे, यदि उनके प्रारंभिक आंशिक दाब हैं-
PCO = 1.4 atm एवं `"P"_("CO"_2)` = 0.80 atm
निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]
310 K पर जल का आयनिक गुणनफल 2.7 × 10-14 है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल की pH ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.2 M Ca(OH)2 का 10 mL + 0.1 M HCI का 25 mL
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.01 M H2SO4 का 10 mL + 0.01 M Ca(OH)2 का 10 mL
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.1 M H2SO4 का 10 mL + 0.1 M KOH का 10 mL
सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रॉक्साइड, लेड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।
Ag2CrO4 तथा AgBr का विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः 1.1 × 10-12 तथा 5.0 × 10-13 हैं। उनके संतृप्त विलयन की मोलरता का अनुपात ज्ञात कीजिए।
बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक लिखिए।
