Advertisements
Advertisements
प्रश्न
0.005 M कोडीन (C18H21NO3) विलयन की pH 9.95 है। इसका आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
Advertisements
उत्तर
\[\ce{\text{कोडीन} + H2O <=> \text{कोडीन} H+ + OH-}\]
pH = 9.95
∴ pOH = 14 - pH = 14 - 9.95 = 4.05
∴ - log [OH-] = 4.05
या log [OH-] = - 4.05 = `bar(5).95`
या [OH-] = 8.91 × 10-5 M
`"K"_"b" = (["कोडीन H"^+]["OH"^-])/(["कोडीन"]) = (["OH"^-]^2)/"[कोडीन]"`
`= ((8.91 xx 10^-5)^2)/(5 xx 10^-3) = 1.6 xx 10^-6`
`"pk"_"b" = - log "k"_"b"`
= - log(1.6 × 10-6)
= 5.80
संबंधित प्रश्न
लोह अयस्क से स्टील बनाते समय जो अभिक्रिया होती है, वह आयरन (II) ऑक्साइड का कार्बन मोनोक्साइड के द्वारा अपचयन है एवं इससे धात्विक लोह एवं CO2 मिलते हैं।
\[\ce{FeO(s) + CO(g) ⇌ Fe(s) + CO2(g)}\]; Kp = 0.265 atm at 1050 K
1050 K पर CO एवं CO2 के साम्य पर आंशिक दाब क्या होंगे, यदि उनके प्रारंभिक आंशिक दाब हैं-
PCO = 1.4 atm एवं `"P"_("CO"_2)` = 0.80 atm
यदि पिरीडिनीयम हाइड्रोजन क्लोराइड के 0.02 M विलयन का pH 3.44 है तो पिरीडीन का आयनन स्थिरांक ज्ञात कीजिए।
310 K पर जल का आयनिक गुणनफल 2.7 × 10-14 है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल की pH ज्ञात कीजिए।
निम्नलिखित मिश्रण की pH परिकलित कीजिए-
0.01 M H2SO4 का 10 mL + 0.01 M Ca(OH)2 का 10 mL
सिल्वर क्रोमेट, बेरियम क्रोमेट, फेरिक हाइड्रॉक्साइड, लेड क्लोराइड तथा मर्क्युरस आयोडाइड विलयन के 298 K पर निम्नलिखित दिए गए विलेयता गुणनफल स्थिरांक की सहायता से विलेयता ज्ञात कीजिए तथा प्रत्येक आयन की मोलरता भी ज्ञात कीजिए।
बेन्जोईक अम्ल का आयनन स्थिरांक 6.46 × 10-5 तथा सिल्वर बेन्जोएट का Ksp 2.5 × 10-13 है। 3.19 pH वाले बफर विलयन में सिल्वर बेन्जोएट जल की तुलना में कितना गुना विलेय होगा?
फैरस सल्फेट तथा सोडियम सल्फाइड के सममोलर विलयनों की अधिकतम सांद्रता बताइए जब उनके समान आयतन मिलाने पर आयरन सल्फाइड अवक्षेपित न हो।
(आयरन सल्फाइड के लिए Ksp = 6.3 × 10-18)।
1 ग्राम कैल्सियम सल्फेट को घोलने के लिए कम से कम कितने आयतन जल की आवश्यकता होगी? (कैल्सियम सल्फेट के लिए Ksp = 9.1 × 10-6)
0.1 M HCI में हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त विलयन की सांद्रता 1.0 × 10-19 M है। यदि इस विलयन का 10 mL निम्नलिखित 0.04 M विलयन के 5 mL में डाला जाए तो किन विलयनों से अवक्षेप प्राप्त होगा? FeSO4, MnCl2, ZnCl2 एवं CdCl2
473 K पर फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड PCl5 के विघटन के लिए Kc का मान 8.3 × 10-3 है। यदि विघटन इस प्रकार दर्शाया जाए, तो
\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]; ∆rH⊖ = 124.0 kJ mol-1
अभिक्रिया के लिए Kc का व्यंजक लिखिए।
