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1967 मैं हिंदी में छपी इस कहानी में कल्पना की गई है कि सालों बाद स्कूल की जगह मशीनें ले लेगी | तुम भी कल्पना करो कि बहुत सालों बाद यह कैसी होगी-

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प्रश्न

 1967 मैं हिंदी में छपी इस कहानी में कल्पना की गई है कि सालों बाद स्कूल की जगह मशीनें ले लेगी | तुम भी कल्पना करो कि बहुत सालों बाद यह कैसी होगी-

  • पेन

  • घड़ी

  • टेलीफोन/मोबाइल 

  • टेलीविज़न

  • कोई और चीज़ जिसके बारे में तुम सोचना चाहो…. 

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

  •  पेन - बहुत साल बाद पेन लेजर किरनों वाले हो सकते हैं जिनसे दूर से भी लिखा जा सकता है।
  • घड़ी - बहुत सालों बाद घड़ी कंप्यूटर के माध्यम से चलेगी तथा उनमे सुइयाँ भी नहीं होगी।
  • टेलीफोन / मोबाइल - बहुत सालों बाद टेलीफोन/मोबाइल का आकर काफी छोटा हो जाएगा और इसमें सुविधायँ भी होंगी।
  • टेलीविजन - बहुत सालों बाद टेलीविज़न काफी पतले आकर के आने लगेगें।यह दीवार पर ही लटके जा सकेंगे।
  • रसोईघर का सामान - आने वाले समय में रसोई घर में इस्तेमाल होने वाला सम्मान भी काफी आधुनिक होगा। इनमे बहुत सी चीजें बिजली से चलने वाली होंगी।
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वे दिन भी क्या दिन थे
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अध्याय 8: वे दिन भी क्या दिन थे - वे दिन भी क्या दिन थे [पृष्ठ ६५]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 5
अध्याय 8 वे दिन भी क्या दिन थे
वे दिन भी क्या दिन थे | Q 1. | पृष्ठ ६५

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