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100 cm लंबी स्टील-छड़ अपने मध्य बिंदु पर परिबद्ध है। इसके अनुदैर्घ्य कंपनों की मूल आवृत्ति 2.53 kHz है। स्टील में ध्वनि की चाल क्या है?

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प्रश्न

100 cm लंबी स्टील-छड़ अपने मध्य बिंदु पर परिबद्ध है। इसके अनुदैर्घ्य कंपनों की मूल आवृत्ति 2.53 kHz है। स्टील में ध्वनि की चाल क्या है?

संख्यात्मक
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उत्तर

l = 100 cm = 1.00 m की छड़ के मध्यबिंदु पर परिबद्ध होने पर इसमें अनुदैर्घ्य कंपन दिए चित्र की भाँति होंगे। मध्य बिंदु पर निस्पंद तथा छड़ के स्वतंत्र सिरों पर प्रस्पंद बनेंगे। चित्र से स्पष्ट है कि

`"l" = lambda/4 + lambda/4`

`= lambda/4`

⇒ λ = 2l

अतः तरंगदैर्घ्य λ  = 2 × 1.0 m

= 2.0 m

आवृत्ति n = 2.53 kHz = 2.53 × 103 s-1

∴ छड़ में ध्वनि की चाल ν = nλ = 2.53 × 103 s-1 × 2.0 m

= 5.06 × 103 m-s-1

 = 5.06 km/s

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प्रगामी तरंग की चाल - अनुदैर्घ्य तरंग की चाल - ध्वनि की चाल
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अध्याय 14: तरंगें - अभ्यास [पृष्ठ ४०७]

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एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.16 | पृष्ठ ४०७

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आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – vt अथवा x + vt है अर्थात y = f (x ± vt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है?

(x - υt)2


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के  फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`"log"[(x + upsilon"t")/x_0]`


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`1/(x + upsilon"t")`


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