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NCERT solutions for राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - भारत के विदेश संबंध [Latest edition]

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NCERT solutions for राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - भारत के विदेश संबंध - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 4: भारत के विदेश संबंध

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२.


प्रश्नावली
प्रश्नावली [Pages 80 - 81]

NCERT solutions for राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२ 4 भारत के विदेश संबंध प्रश्नावली [Pages 80 - 81]

प्रश्नावली | Q 1. (क) | Page 80

इस बयान के आगे सही या गलत का निशान लगाएँ:

गुटनिरपेक्षता की निति अपनाने के कारण भारत, सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमरीका, दोनों की सहायता हासिल कर सका।

  • सही

  • गलत

प्रश्नावली | Q 1. (ख) | Page 80

इस बयान के आगे सही या गलत का निशान लगाएँ:

अपने पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध शुरुआत से ही तनावपूर्ण रहे।

  • सही

  • गलत

प्रश्नावली | Q 1. (ग) | Page 80

इस बयान के आगे सही या गलत का निशान लगाएँ:

शीतयुद्ध का असर भारत - पाक संबंधों पर भी पड़ा।

  • सही

  • गलत

प्रश्नावली | Q 1. (घ) | Page 80

इस बयान के आगे सही या गलत का निशान लगाएँ:

१९७१ की शांति और मैत्री की संधि संयुक्त राज्य अमरीका से भारत की निकटता का परिणाम थी।

  • सही

  • गलत

प्रश्नावली | Q 2. | Page 80

निम्नलिखित का सही जोड़ा मिलाएँ:

(क) 1950 - 64 के दौरान भारत की विदेश निति का लक्ष्य (i) तिब्बत के धार्मिक नेता जो सीमा पार कर के भारत चले आए।
(ख) पंचशील (ii) क्षेत्रीय अंखडता और संप्रभुता की रक्षा तथा आर्थिक विकास।
(ग) बांडुंग सम्मेलन (iii) शांतिपूर्ण सह - अस्तित्व के पाँच सिद्धांत।
(घ) दलाई लामा (iv) इसकी परिणति गुटनिरपेक्ष आंदोलन में हुई।
प्रश्नावली | Q 3. | Page 80

नेहरू विदेश निति के संचालन को स्वतंत्रता का एक अनिवार्य संकेतक क्यों मानते थे? अपने उत्तर में दो कारण बताएँ और उनके पक्ष में उदाहरण भी दें।

प्रश्नावली | Q 4. | Page 80

"विदेश नीति का निर्धारण घरेलू जरूरत और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के दोहरे दबाव में होता है।" 1960 के दशक में भारत द्वारा अपनाई गई विदेश निति से एक उदाहरण देते हुए अपने उत्तर की पुष्टि करें।

प्रश्नावली | Q 5. | Page 80

अगर आपको भारत की विदेश निति के बारे में फैसला लेने को कहा जाए तो आप इसकी किन दो बातों को बदलना चाहेंगे। ठीक इसी तरह यह भी बताएँ की भारत की विदेश निति के किन दो पहलुओं को आप बरकरार रखना चाहेंगे। अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।

प्रश्नावली | Q 6. (क) | Page 80

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

भारत की परमाणु निति

प्रश्नावली | Q 6. (ख) | Page 80

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

विदेश निति के मामलों पर सर्व - सहमति

प्रश्नावली | Q 7. | Page 80

भारत की विदेश निति का निर्माण शांति और सहयोग के सिद्धांतों को आधार मानकर हुआ। लेकिन, 1962 - 1972 की अवधि यानी महज दस सालों में भारत को तीन युद्धों का सामना करना पड़ा। क्या आपको लगता है की यह भारत की विदेश निति की असफलता है अथवा, आप इसे अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों का परिणाम मानेंगे? अपने मंतव्य के पक्ष में तर्क दीजिए।

प्रश्नावली | Q 8. | Page 80

क्या भारत की विदेश निति से यह झलकता है की भारत क्षेत्रीय स्तर की महाशक्ति बनना चाहता है? 1972 के बांग्लादेश युद्ध के संदर्भ में इस प्रश्न पर विचार करें।

प्रश्नावली | Q 9. | Page 81

किस राष्ट्र का राजनीतिक नेतृत्व किस तरह उस राष्ट्र की विदेश निति पर असर डालता है? भारत की विदेश निति के उदाहरण देते हुए इस प्रश्न पर विचार कीजिए।

प्रश्नावली | Q 10. | Page 81

निम्नलिखित अवतरण को पढ़ें और इसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

गुटनिरपेक्ष का व्यापक अर्थ है अपने को किसी भी सैन्य गुट में शामिल नहीं करना इसका अर्थ होता है चीजों को यथासंभव सैन्य दृष्टिकोण से न देखना और इसकी कभी जरूरत आन पड़े तब भी किसी सैन्य गुट के नज़रिए को अपनाने की जगह स्वतंत्र रूप से स्थिति पर विचार करना तथा सभी देशों के साथ रिश्ते कायम करना

- जवाहरलाल नेहरू

  1. नेहरू सैन्य गुटों से दुरी क्यों बनाना चाहतें थे?
  2. क्या आप मानते हैं की भारत - सोवियत मैत्री की संधि से गुटनिरपेक्ष के सिद्धांतों का उललंघन हुआ? अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दीजिए।
  3. अगर सैन्य - गुट न होते तो क्या गुटनिरपेक्षता की निति बेमानी होती?

Solutions for 4: भारत के विदेश संबंध

प्रश्नावली
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NCERT solutions for राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - भारत के विदेश संबंध

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Concepts covered in राजनीति विज्ञान स्वतंत्र भारत मे राजनीति [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 भारत के विदेश संबंध are अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ, गुटनिरपेक्षता की नीति, चीन के साथ शांति और संघर्ष, पाकिस्तान के साथ युद्ध और शांति, भारत की परमाणु नीति.

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