मराठी

Secondary School (English Medium) (5 to 8) इयत्ता ७ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (हिंदी)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi (हिंदी)
< prev  681 to 700 of 868  next > 

इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

[2] पद्य (Poetry)
Chapter: [2] पद्य (Poetry)
Concept: undefined >> undefined

घमंड करने को मनुष्य के विकास का बाधक समझा जाता है। क्या आपमें घमंड करने की प्रवृत्ति है?

[2] पद्य (Poetry)
Chapter: [2] पद्य (Poetry)
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।

[2] पद्य (Poetry)
Chapter: [2] पद्य (Poetry)
Concept: undefined >> undefined

खानपान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

खानपान में बदलाव के कौन से फ़ायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों है?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

खानपान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

घर से बातचीत करके पता कीजिए कि आपके घर में क्या चीजें पकती हैं और क्या चीजें बनी-बनाई बाज़ार से आती हैं। इनमें से बाज़ार से आनेवाली कौन-सी चीजें आपके-माँ-पिता जी के बचपन में घर में बनती थीं?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

हमारे यहाँ बहुत से काम लोग खुद नहीं करके किसी पेशेवर कारीगर से करवाते हैं। लेकिन गाँधी जी पेशेवर कारीगरों के उपयोग में आनेवाले औज़ार - छेनी, हथौड़े, बसूले क्यों खरीदना चाहते होंगे?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

गाँधी जी ने अखिल भारतीय कांग्रेस सहित कई संस्थाओं व आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी जीवनी या उन पर लिखी गई किताबों से उन अंशों को चुनिए जिनसे हिसाब-किताब के प्रति गाँधी जी की चुस्ती का पता चलता है।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

यहाँ खाने पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और उनका वर्गीकरण कीजिए
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

मान लीजिए, आपको कोई बाल आश्रम खोलना है। इस बजट से प्रेरणा लेते हुए उसका अनुमानित बजट बनाइए। इस बजट में दिए गए किन-किन मदों पर आप कितना खर्च करना चाहेंगे। किन नयी मदों को जोड़ना-हटाना चाहेंगे?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

छौंक, चावल, कढ़ी इन शब्दों में क्या अंतर है? समझाइए। इन्हें बनाने के तरीके विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग हैं। पता करें कि आपके प्रांत में इन्हें कैसे बनाया जाता है।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

आपको कई बार लगता होगा कि आप कईछोटे-मोटे काम (जैसे - घर की पुताई, दूध दुहना, खाट बुनना) करना चाहें तो कर सकते हैं। ऐसे कामों की सूची बनाइए, जिन्हें आप चाहकर भी नहीं सीख पाते। इसके क्या कारण रहे होंगे? उन कामों की सूची भी बनाइए, जिन्हें आप सीखकर ही छोड़ेंगे।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

इस अनुमानित बजट को गहराई से पढ़ने के बाद आश्रम के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के बारे में क्या-क्या अनुमान लगाए जा सकते हैं?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुई तसवीर का खाका खींचें तो इस प्रकार होगा-
सन् साठ का देशक – छोले-भटूरे
सन् सत्तर का दशक – इडली, डोसा
सन् अस्सी का दशक – तिब्बती (चीनी) भोजन
सन् नब्बे का दशक – पीजा, पाव-भाजी
इसी प्रकार आप कुछ कपड़ों या पोशाकों की बदलती तसवीर का खाका खींचिए।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

अनुमानित शब्द अनुमान में  इत प्रत्यय जोड़कर बना है।इत प्रत्यय जोड़ने पर अनुमान का  नित में परिवर्तित हो जाता है। नीचे-इत प्रत्यय वाले कुछ और शब्द लिखे हैं। उनमें मूल शब्द पहचानिए और देखिए कि क्या परिवर्तन हो रहा है-

प्रमाणित

व्यथित

द्रवित

मुखरित

झंकृत

शिक्षित

मोहित

चर्चित

इत प्रत्यय की भाँति इक प्रत्यय से भी शब्द बनते हैं और तब शब्द के पहले अक्षर में भी परिवर्तन हो जाता है, जैसे- सप्ताह+इक साप्ताहिक। नीचे इक प्रत्यय से बनाए गए शब्द दिए गए हैं। इनमें मूल शब्द पहचानिए और देखिए कि क्या परिवर्तन हो रहा है-

मौखिक

संवैधानिक

प्राथमिक

नैतिक

पौराणिक

दैनिक

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

बैलगाड़ी और घोड़ागाड़ी शब्द दो शब्दों को जोड़ने से बने हैं। इसमें दूसरा शब्द प्रधान है, यानी शब्द का प्रमुख अर्थ दूसरे शब्द पर टिका है। ऐसे समास को तत्पुरुष समास कहते हैं। ऐसे छह शब्द और सोचकर लिखिए और समझिए कि उनमें दूसरा शब्द प्रमुख क्यों है?

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

मान लीजिए कि आपके घर कोई मेहमान आ रहे हैं जो आपके प्रांत का पारंपरिक भोजन करना चाहते हैं। उन्हें खिलाने के लिए घर के लोगों की मदद से एक व्यंजन सूची ( मेन्यू) बनाइए।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

‘फ़ास्ट फूड’ यानी तुरंत भोजन के नफे-नुकसान पर कक्षा में वाद-विवाद करें।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined

हर शहर, कस्बे में कुछ ऐसी जगहें होती हैं जो अपने किसी खास व्यंजन के लिए जानी जाती हैं। आप अपने शहर, कस्बे का नक्शा बनाकर उसमें ऐसी सभी जगहों को दर्शाइए।

[1] गद्य (Prose)
Chapter: [1] गद्य (Prose)
Concept: undefined >> undefined
< prev  681 to 700 of 868  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×