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Secondary School (English Medium) (5 to 8) इयत्ता ६ - CBSE Question Bank Solutions

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इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो?

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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'एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना’-

  1. तुम अपने घर में इस बात का ध्यान कैसे रख सकते हो?
  2. पापा के काम और माँ के काम क्या-क्या हैं?
  3. क्या वे एक-दूसरे का हाथ बँटाते हैं?
[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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यदि तुमने ‘नया दौर’ फ़िल्म देखी है तो बताओ कि यह गीत फ़िल्म में कहानी के किस मोड़ पर आता है? यदि तुमने फ़िल्म नहीं देखी है तो फ़िल्म देखो और बताओ।

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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• अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
• एक और एक मिलकर ग्यारह होते हैं।

(क) • ऊपर लिखी कहावतों का अर्थ गीत की किन पंक्तियों से मिलता-जुलता है?
(ख) • इन दोनों कहावतों का अर्थ कहावत-कोश में देखकर समझो और वाक्य के संदर्भ में उनका प्रयोग करो।

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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नीचे हाथ से संबंधित कुछ मुहावरे दिए हैं। इनके अर्थ समझो और प्रत्येक मुहावरे से वाक्य बनाओ-

(क) हाथ को हाथ न सूझना
(ख) हाथ साफ़ करना
(ग) हाथ-पैर फूलना
(घ) हाथों-हाथ लेना
(ङ) हाथ लगना

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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हाथ और हस्त एक ही शब्द के दो रूप हैं। नीचे दिए गए शब्दों में हस्त और हाथ छिपे हैं। शब्दों को पढ़कर बताओ कि हाथों का इनमें क्या काम है-
हाथघड़ी
हथौड़ा
हस्तशिल्प
हस्तक्षेप
निहत्था
हथकंडा
हस्ताक्षर
हथकरघा

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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इस गीत में परबत, सीस, रस्ता, इंसाँ शब्दों के प्रयोग हुए हैं। इन शब्दों के प्रचलित रूप लिखो।

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में
[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बातचीत करते समय हमारी बातें, हाथ की हरकत से प्रभावशाली होकर दूसरे तक पहुँचती हैं। हाथ की हरकत से या हाथ के इशारे से भी कुछ कहा जा सकता है।
नीचे लिखे हाथ के इशारे किन अवसरों पर प्रयोग होते हैं? लिखो-

  1. ‘क्यों’ पूछते हाथ
  2. मना करते हाथ
  3. समझाते हाथ
  4. बुलाते हाथ
  5. आरोप लगाते हाथ
  6. चेतावनी देते हाथ
  7. जोश दिखाते हाथ
[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बहुविकल्पीय प्रश्न
‘साथी हाथ बढ़ाना’ गीत के गीतकार कौन हैं?

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बहुविकल्पीय प्रश्न
किसके सहारे इंसान अपना भाग्य बना सकता है-

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बहुविकल्पीय प्रश्न
गीतकार कहाँ राहें पैदा करने की बात कह रहा है?

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बहुविकल्पीय प्रश्न
राई का पर्वत कैसे बनता है?

[4] गद्य (Prose)
Chapter: [4] गद्य (Prose)
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बहुविकल्पीय प्रश्न
हमारी मंज़िल क्या है?

[4] गद्य (Prose)
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यह गीत किसको संबोधित है?

[4] गद्य (Prose)
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‘साथी हाथ बढ़ाना’ वाक्य किस ओर संकेत करता है?

[4] गद्य (Prose)
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इंसान चाहे तो क्या कर सकता है?

[4] गद्य (Prose)
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“गैरों’ के लिए हमने क्या किया है?

[4] गद्य (Prose)
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हमारा लक्ष्य क्या है?

[4] गद्य (Prose)
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इस गीत का आशय क्या है?

[4] गद्य (Prose)
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