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Primary School (Hindi Medium) इयत्ता ४ - CBSE Question Bank Solutions for Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)
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क्या तुमने किसी जानवर को दूसरे जानवर की सवारी करते देखा है? उसका नाम लिखो।

  1. सवार जानवर
  2. सवारी देता जानवर
[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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ऐसे और जानवरों के नाम लिखो, जिन्हें हम सवारी के काम में लाते हैं।

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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ऐसे जानवरों के नाम लिखो, जिन्हें हम सामान ढोने के काम में लाते हैं।

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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नीचे दिए गए हाथी के चित्र को बड़ा करके एक मोटे कागज़ पर बनाओ। उसे अब बाहरी रेखा पर से काटो।

  • अब चित्र में जहाँ ‘काटो’ (✄) लिखा है, वहाँ थोड़ा-सा काटो। ध्यान रहे काट कर अलग मत करना।
  • जहाँ ‘मोड़ो’ लिखा है, वहाँ से बिंदु वाली रेखा (.....) पर से मोड़ लो।
  • धारी वाले हिस्से को (/////////) अंदर की ओर मोड़ दो।
  • अब पूँछ बनाकर चिपका दो।

बन गया न हाथी!

  • इसे अपनी पसंद के रंगों से और अलग-अलग तरह से सजाओ।
  • इस हाथी को अपनी कक्षा में लटकाओ। अपने साथियों के बनाए हुए हाथी भी देखो।

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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इन चित्रों को देखो और पढ़ो- ये जानवर आपस में क्या-क्या कह रहे हैं। इन पर संवेदनशीलता से चर्चा करें।

यह पिटारी ही अब मेरा घर बन गया है। मैं तो जंगल के जानवरों से मिलना और खुली हवा लेना मानो भूल ही गया हूँ। बस पिटारी है और यह सँपेरा!
यह मत सोचो कि मैं सर्कस में बहुत खुश हूँ। नाचो, कूदो, आग के गोले में से निकलो, और भी न जाने क्या-क्या! न करो, तो भूखे रहो और पिटाई अलग से!
तुमने मेरी दौड़ ही देखी है। मेरे पैरों के नीचे जब लोहे की नाल ठोकते हैं, तो दर्द से जान निकल जाती है।
नाचते-नाचते हमारी तो कमर ही टूट गई। मन न हो फिर भी नाचो। वह भी, खाली पेट!
म्याऊँ-म्याऊँ-म्याऊँ! लोगों के लिए कुछ भी काम नहीं करती, फिर भी बच्चे मुझे बहुत प्यार करते हैं। दूध पिलाते हैं और सहलाते भी हैं। मैं अपनी मर्ज़ी से सब जगह आती-जाती हूँ।
गुटरगूँ! गुटरगूँ! जानते हो, लोग मुझे बुला-बुलाकर बड़े प्यार से दाना खिलाते हैं।

तुमने इन जानवरों की बातें पढ़ीं। तुम्हें क्या लगता है, इनमें से कुछ उदास क्यों हैं?

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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इन चित्रों को देखो और पढ़ो- ये जानवर आपस में क्या-क्या कह रहे हैं। इन पर संवेदनशीलता से चर्चा करें।

यह पिटारी ही अब मेरा घर बन गया है। मैं तो जंगल के जानवरों से मिलना और खुली हवा लेना मानो भूल ही गया हूँ। बस पिटारी है और यह सँपेरा!
यह मत सोचो कि मैं सर्कस में बहुत खुश हूँ। नाचो, कूदो, आग के गोले में से निकलो, और भी न जाने क्या-क्या! न करो, तो भूखे रहो और पिटाई अलग से!
तुमने मेरी दौड़ ही देखी है। मेरे पैरों के नीचे जब लोहे की नाल ठोकते हैं, तो दर्द से जान निकल जाती है।
नाचते-नाचते हमारी तो कमर ही टूट गई। मन न हो फिर भी नाचो। वह भी, खाली पेट!
म्याऊँ-म्याऊँ-म्याऊँ! लोगों के लिए कुछ भी काम नहीं करती, फिर भी बच्चे मुझे बहुत प्यार करते हैं। दूध पिलाते हैं और सहलाते भी हैं। मैं अपनी मर्ज़ी से सब जगह आती-जाती हूँ।
गुटरगूँ! गुटरगूँ! जानते हो, लोग मुझे बुला-बुलाकर बड़े प्यार से दाना खिलाते हैं।

पेड़ों पर झूमते और लटकते बंदरों और मदारी के बंदर में तुम्हें क्या अंतर लगता है?

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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इस हाथी के कितने पैर हैं?

[3] नन्दू हाथी
Chapter: [3] नन्दू हाथी
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क्या तुम्हारे घर के आस-पास किसी मैदान या स्कूल के रास्ते में, कोई ऐसी जगह है जहाँ पेड़ लगाए गए हैं?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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पेड़ वहाँ क्यों लगाया गया है?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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क्या तुमने किसी को पेड़ों की देखभाल करते देखा है? किसको?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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क्यों उनमें से किसी पेड़ पर फल लगते हैं? उन्हें कौन खाता है?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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ललिता को लगता है कि उसके स्कूल की दीवार के साथ उगे हुए छोटे-छोटे पौधे और घास किसी ने लगाए नहीं हैं। क्या तुम भी किसी ऐसी जगह के बारे में जानते हो जहाँ घास, छोटे-छोटे पौधे और पेड़ अपने-आप ही उग गए हों?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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तुम्हें यह क्यों लगता है कि ये पौधे अपने-आप उग रहे हैं?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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तुम्हें याद है न, उस गाँव के बुज़ुर्गों की बातें?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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अगर पेड़ और जानवर नहीं होंगे, तो क्या हम रहेंगे? इस बारे में कक्षा में चर्चा करो।

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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तुमने तीसरी कक्षा में जिस पेड़ से दोस्ती की थी, वह अब कैसा है?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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इस साल एक और नए पेड़ से दोस्ती करो। अपने दोस्त पेड़ों को क्या तुमने साल भर में मौसम के साथ बदलते देखा है?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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किसी एक पेड़ के बारे में लिखो-

  1. क्या उस पर फूल आते हैं?
  2. फूल क्या साल भर रहते हैं?
  3. पत्तियाँ किस महीने में झड़ती हैं?
  4. क्या उस पर फल लगते हैं?
  5. फल किन-किन महीनों में लगते हैं?
  6. क्या तुमने कभी ये फल खाए हैं?
[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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लोग शिकार क्यों करते हैं?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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क्या तुम्हें पता है कि शिकार करने पर सजा होती है? शिकार करने पर सजा क्यों रखी गई है?

[4] अमृता की कहानी
Chapter: [4] अमृता की कहानी
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