मराठी

Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  6781 to 6800 of 8221  next > 

यंग के द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रिंजों को प्राप्त करने के लिए 650 nm तथा 520 nm तरंगदैर्घ्यों के प्रकाश-पुंज का उपयोग किया गया।

650 nm तरंगदैर्घ्य के लिए परदे पर तीसरे दीप्त फ्रिंज की केंद्रीय उच्चिष्ठ से दूरी ज्ञात कीजिए। (दिया है, D = 120 cm तथा d = 2 mm)

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
Concept: undefined >> undefined

यंग के द्विझिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रिंजों को प्राप्त करने के लिए 650 nm तथा 520 nm तरंगदैर्घ्यों के प्रकाश-पुंज का उपयोग किया गया।

केंद्रीय उच्चिष्ठ से उस न्यूनतम दूरी को ज्ञात कीजिए जहाँ दोनों तरंगदैर्घ्यों के कारण दीप्त फ्रिंज संपाती (coincide) होते हैं। (दिया है, D = 120 cm तथा d = 2 mm)

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

द्विझिरी प्रयोग में, 600 nm तरंगदैर्घ्य का प्रकाश करने पर, एक दूरस्थ परदे परसे बने फ्रिज की कोणीय चौड़ाई 0.1° है। दोनों झिर्रियों के बीच कितनी दूरी है?

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
Concept: undefined >> undefined

कमरे के ताप (27°C) और 1 atm दाब पर He परमाणु से जुड़े प्रारूपी दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए और इन परिस्थितियों में इसकी तुलना दो परमाणुओं के बीच औसत दूरी से कीजिए।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Concept: undefined >> undefined

अर्द्ध-तरंगी दिष्टकरण में, यदि निवेश आवृत्ति 50Hz है तो निर्गम आवृत्ति क्या है? समान निवेश आवृत्ति हेतु पूर्ण तरंग दिष्टकारी की निर्गम आवृत्ति क्या है?

[14] अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी - पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
Chapter: [14] अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी - पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
Concept: undefined >> undefined

स्थूल अथवा बड़े पैमाने पर वैद्युत आवेशों से व्यवहार करते समय हम वैद्युत आवेश के  क्वांटमीकरण की उपेक्षा कैसे कर सकते हैं?

[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Concept: undefined >> undefined

निचे दिए गए चित्र में किसी एकसमान स्थिर विद्युत-क्षेत्र में तीन आवेशित कणों के पथचिह्न (tracks) दर्शाए गए हैं। तीनों आवेशों के चिह्न लिखिए। इनमें से किस कण का आवेश-संहति अनुपात `("q"//"m")` में अधिकतम है?

[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Concept: undefined >> undefined

12 cm त्रिज्या वाले एक गोलीय चालक के पृष्ठ पर 1.6 × 10−7 C का आवेश एकसमान रूप से वितरित है।

  1. गोले के अंदर
  2. गोले के ठीक बाहर
  3. गोले के केंद्र से 18 cm पर अवस्थित, किसी बिंदु पर विद्युत-क्षेत्र क्या होगा?
[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Concept: undefined >> undefined

(a) दर्शाइए कि आवेशित पृष्ठ के एक पाश्र्व से दूसरे पाश्र्व पर स्थिरविद्युत-क्षेत्र के अभिलम्ब घटक में असांतत्य होता है, जिसे

`(vec"E"_2 - vec"E"_1)hat"n" = sigma/epsilon_0` द्वारा व्यक्त किया जाता है। जहाँ एक बिन्दु पर पृष्ठ के अभिलम्ब एकांक सदिश है तथा σ उस बिन्दु पर पृष्ठ आवेश घनत्व है (`hat"n"` की दिशा पाश्र्व 1 से पाश्र्व 2 की ओर है)। अतः दर्शाइए कि चालक के ठीक बाहर विद्युत-क्षेत्र `(sigmahat"n")/epsilon_0` है।

(b) दर्शाइए कि आवेशित पृष्ठ के एक पाश्र्व से दूसरे पाश्र्व पर स्थिरविद्युत-क्षेत्र का स्पर्शीय घटक संतत है।
[संकेत- (a) के लिए गौस-नियम का उपयोग कीजिए। (b) के लिए इस तथ्य का उपयोग करें कि संवृत पाश पर एक स्थिर वैद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।)

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Concept: undefined >> undefined

एक 4 μF के संधारित्र को 200 V संभरण (सप्लाई) से आवेशित किया गया है। फिर संभरण से हटाकर इसे एक अन्य अनावेशित 2 μF के संधारित्र से जोड़ा जाता है। पहले संधारित्र की कितनी स्थिरविद्युत ऊर्जा का ऊष्मा और विद्युत चुम्बकीय विकिरण के रूप में ह्रास होता है?

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Concept: undefined >> undefined

इलेक्ट्रॉन द्वारा एक वृत्तीय कक्षा पूरी करने में नाभिक के क्षेत्र द्वारा कितना कार्य किया जाता है? यदि कक्षा दीर्घवृत्ताकार हो तो क्या होगा?

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Concept: undefined >> undefined

r1 त्रिज्या तथा q1 आवेश वाला एक छोटा गोला r2 त्रिज्या और q2 आवेश के गोली खोल (कोश) से घिरा है। दर्शाइए यदि q1 धनात्मक है तो (जब दोनों को एक तार द्वारा जोड़ दिया जाता है) आवश्यक रूप से आवेश, गोले से खोल की तरफ ही प्रवाहित होगा, चाहे खोल पर आवेश q2 कुछ भी हो।

[2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Chapter: [2] स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
Concept: undefined >> undefined

पास-पास फेरों वाली एक परिनालिका 80 cm लंबी है और इसमें 5 परतें हैं जिनमें से प्रत्येक में 400 फेरे हैं। परिनालिका का व्यास 1.8 cm है। यदि इसमें 8.0 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है तो परिनालिका के भीतर केंद्र के पास चुंबकीय क्षेत्र B का परिमाण परिकलित कीजिए।

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Concept: undefined >> undefined

10 cm लम्बाई और 10-3 m2 अनुप्रस्थ काट के एक क्षेत्र में 100 G (1G = 10-4) का एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र चाहिए। जिस तार से परिनालिका का निर्माण करना है उसमें अधिकतम 15 A विद्युत धारा प्रवाहित हो सकती है और क्रोड पर अधिकतम 1000 फेरे प्रति मीटर लपेटे जा सकते हैं। इस उद्देश्य के लिए परिनालिका के निर्माण का विवरण सुझाइए। यह मान लीजिए कि क्रोड लौह-चुम्बकीय नहीं है।

[4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Chapter: [4] गतिमान आवेश और चुंबकत्व
Concept: undefined >> undefined

किसी स्थान पर एक टेलीफोन केबल में चार लम्बे, सीधे, क्षैतिज तार हैं जिनमें से प्रत्येक में 1.0 A की धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। इस स्थान पर पृथ्वी का चुम्बकीय-क्षेत्र 0.39 G एवं नति कोण 35° है। दिक्पात कोण लगभग शून्य है। केबल के 4.0 cm नीचे और 4.0 cm ऊपर परिणामी चुम्बकीय-क्षेत्रों के मान क्या होंगे?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Concept: undefined >> undefined

किसी इलेक्ट्रॉन के नैज चक्रणी कोणीय संवेग `vec"S"` एव कक्षीय कोणीय संवेग `vecl` के साथ जुड़े चुम्बकीय-आघूर्ण क्रमशः `vecmu_"S"` और `vecmu_l` हैं। क्वाण्टम सिद्धान्त के आधार पर (और प्रयोगात्मक रूप से अत्यन्त परिशुद्धतापूर्वक पुष्ट) इनके मान क्रमशः निम्न प्रकार दिए जाते हैं -

`mu_"S" = - ("e"/"m")vec"S"`  एव  `mu_l = - ("e"/"2m")vecl`

इनमें से कौन सा व्यंजक चिरसम्मत सिद्धंतों के आधार पर प्राप्त करने की आशा की जा सकती है ? उस चिरसम्मत आधार पर प्राप्त होने वाले व्यंजन को व्युत्पन्न कीजिए। 

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Concept: undefined >> undefined

एक लंबी परिनालिका के इकाई सेंटीमीटर लंबाई में 15 फेरे हैं। उसके अंदर 2.0 cm2 का एक छोटा-सा लूप परिनालिका की अक्ष के लंबवत रखा गया है। यदि परिनालिका में बहने वाली धारा का मान 2.0 A में 4.0 A से 0.1 s कर दिया जाए तो धारा परिवर्तन के समय प्रेरित विद्युत वाहक बल कितना होगा?

[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Concept: undefined >> undefined

1.0 m लंबी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलंबवत अक्ष के परितः 400 rad s-1 की कोणीय आवृत्ति से घूर्णन कर रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक धात्विक वलय से संपर्कित है। अक्ष के अनुदिश सभी जगह 0.5 T का एकसमान चुंबकीय-क्षेत्र उपस्थित है। वलय तथा अक्ष के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए।

[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Concept: undefined >> undefined
  1. चित्र में दर्शाए अनुसार एक लम्बे, सीधे तार तथा एक वर्गाकार लूप जिसकी एक भुजा की लम्बाई a है, के लिए अन्योन्य प्रेरकत्व का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
  2. अब मान लीजिए कि सीधे तार में 50 A की धारा प्रवाहित हो रही है तथा लूप एक स्थिर वेग v = 10 m/s से दाईं ओर को गति कर रहा है। लूप में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिकलन चित्र 6.7 उंस क्षण पर कीजिए जब x = 0.2 m हो। लूप के लिए a = 0.1 m लीजिए तथा यह मान लीजिए कि उसका प्रतिरोध बहुत अधिक है।
[6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Chapter: [6] वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
Concept: undefined >> undefined

पिछले प्रश्न 3 और 4 में, एक पूरे चक्र की अवधि में प्रत्येक परिपथ में कितनी नेट शक्ति अवशोषित होती है? अपने उत्तर का विवरण दीजिए।

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
Concept: undefined >> undefined
< prev  6781 to 6800 of 8221  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×