मराठी

Arts (English Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

Advertisements
विषय
अध्याय
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi (Core)
< prev  201 to 220 of 327  next > 

आशय स्पष्ट कीजिए-

जो कवि अनासक्त नहीं रह सका, जो फक्कड़ नहीं बन सका, जो किए-कराए का लेख-जोखा मिलाने में उलझ गया, वह भी क्या कवि है?..... मैं कहता हूँ कवि बनना है मेरे दोस्तो, तो फक्कड़ बनो।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

आशय स्पष्ट कीजिए-

फूल हो या पेड़, वह अपने-आप में समाप्त नहीं है। वह किसी अन्य वस्तु को दिखाने के लिए उठी हुई अँगुली है। वह इशारा है।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

Advertisements
शिरीष के पुष्प को शीतपुष्प भी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह की प्रचंड गरमी में फूलने वाले फूल को शीतपुष्प संज्ञा किस आधार पर दी गई होगी?
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

कोमल और कठोर दोनों भाव किस प्रकार गांधीजी के व्यक्तित्व की विशेषता बन गए।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
आजकल अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय फूलों की बहुत माँग है। बहुत से किसान साग-सब्ज़ी व अन्न उत्पादन छोड़ फूलों की खेती को ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी मुद्दे को विषय बनाते हुए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने इस पाठ की तरह ही वनस्पतियों के संदर्भ में कई व्यक्तित्त्व व्यंजक ललित निबंध और भी लिखे हैं- कुटज, आम फिर बौरा गए, अशोक के फूल, देवदारु आदि। शिक्षक की सहायता से इन्हें ढूँढ़िए और पढ़िए।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined
द्विवेदी जी की वनस्पतियों में ऐसी रुचि का क्या कारण हो सकता है? आज साहित्यिक रचना-फलक पर प्रकृति की उपस्थिति न्यून से न्यून होती जा रही है। तब ऐसी रचनाओं का महत्त्व बढ़ गया है। प्रकृति के प्रति आपका दृष्टिकोण रुचिपूर्ण है या उपेक्षामय? इसका मूल्यांकन करें।
[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

दस दिन फूले और फिर खंखड़-खंखड़ इस लोकोक्ति से मिलते-जुलते कई वाक्यांश पाठ में हैं। उन्हें छाँट कर लिखें।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

अशोक वृक्ष- भारतीय साहित्य में बहुचर्चित एक सदाबहार वृक्ष। इसके पत्ते आम के पत्तों से मिलते हैं। वसंत-ऋतु में इसके फूल लाल-लाल गुच्छों के रूप में आते हैं। इसे कामदेव के पाँच पुष्पवाणों में एक माना गया है। इसके फल सेम की तरह होते हैं। इसके सांस्कृतिक महत्त्व का अच्छा चित्रण हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने निबंध अशोक के फूल में किया है। भ्रमवश आज एक दूसरे वृक्ष को अशोक कहा जाता रहा है और मूल पेड़ (जिसका वानस्पतिक नाम सराका इंडिका है।) को लोक भूल गए हैं। इसकी एक जाति श्वेत फूलों वाली भी होती है।
अरिष्ठ वृक्ष- रीठा नामक वृक्ष। इसके पत्ते चमकीले हरे होते हैं। फल को सुखाकर उसके छिलके का चूर्ण बनाया जाता है, बाल धोने एवं कपड़े साफ करने के काम में आता है। पेड़ की डालियों व तने पर जगह-जगह काँटे उभरे होते हैं, जो बाल और कपड़े धोने के काम भी आता है।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

आरग्वध वृक्ष- लोक में उसे अमलतास कहा जाता है। भीषण गरमी की दशा में जब इसका पड़े पत्रहीन ठूँठ सा हो जाता है, पर इस पर पीले-पीले पुष्प गुच्छे लटके हुए मनोहर दृश्य उपस्थित करते हैं। इसके फल लगभग एक डेढ़ फुट के बेलनाकार होते हैं जिसमें कठोर बीज होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

आरग्वध वृक्ष- लोक में उसे अमलतास कहा जाता है। भीषण गरमी की दशा में जब इसका पड़े पत्रहीन ठूँठ सा हो जाता है, पर इस पर पीले-पीले पुष्प गुच्छे लटके हुए मनोहर दृश्य उपस्थित करते हैं। इसके फल लगभग एक डेढ़ फुट के बेलनाकार होते हैं जिसमें कठोर बीज होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

इन्हें भी जाने

शिरीष वृक्ष- लोक में सिरिस नाम से मशूहर पर एक मैदानी इलाके का वृक्ष है। आकार में विशाल होता है पर पत्ते बहुत छोटे-छोटे होते हैं। इसके फूलों में पंखुड़ियों की जगह रेशे-रेशे होते हैं।

[14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [14] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Concept: undefined >> undefined

जाति प्रथा को श्रम-विभाजन का ही एक रूप न मानने के पीछे आंबेडकर के क्या तर्क हैं?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined

जाति-प्रथा भारतीय समाज में बेरोजगारी व भुखमरी का भी एक कारण कैसे बनती जा रही है? क्या यह स्थिति आज भी है?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined

लेखक के मत से 'दासता' की व्यापक परिभाषा क्या है?

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined
शारीरिक वंश-परंपरा और सामाजिक उत्तराधिकार की दृष्टि से मनुष्यों में असमानता संभावित रहने के बावजूद आंबेडकर ‘समता’ के एक व्यवहार्य सिद्धांत मानने का आग्रह क्यों करते हैं? इसके पीछे उनके क्या तर्क हैं?
[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined
सही में आंबेडकर ने भावनात्मक समत्व की मानवीय दृष्टि के तहत जातिवाद का उन्मूलन चाहा है, जिसका प्रतिष्ठा के लिए भौतिक स्थितियों और जीवन-सुविधाओं का तर्क दिया गया है। क्या इससे आप सहमत हैं?
[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined
आंबेडकर ने जाति प्रथा के भीतर पेशे के मामले में लचीलापन न होने की जो बात की है- उस संदर्भ में शेखर जोशी की कहानी ‘गलता लोहा’ पर पुनर्विचार कीजिए।
[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined

कार्य कुशलता पर जाति प्रथा का प्रभाव विषय पर समूह में चर्चा कीजिए। चर्चा के दौरान उभरने वाले बिंदुओं को लिपिबद्ध कीजिए।

[15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Chapter: [15] बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर : श्रम विभाजन और जाति-प्रथा, मेरी कल्पना का आदर्श समाज
Concept: undefined >> undefined

‘जूझ’ शीर्षक के औचित्य पर विचार करते हुए यह स्पष्ट करें कि क्या यह शीर्षक कथा नायक की किसी केंद्रीय चारित्रिक विशेषता को उजागर करता हैं।

[2] आनंद यादव : जूझ
Chapter: [2] आनंद यादव : जूझ
Concept: undefined >> undefined
< prev  201 to 220 of 327  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Accountancy
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Business Studies
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Computer Science (Python)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Economics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Entrepreneurship
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Geography
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ History
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Informatics Practices
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Mathematics
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Physical Education
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Political Science
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Psychology
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (English Medium) इयत्ता १२ Sociology
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×