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Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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एक ऐसे समाज की कल्पना कीजिए जहाँ कोई सामाजिक आंदोलन न हुआ हो, चर्चा करें। ऐसे समाज की कल्पना आप कैसे करते हैं, इसका भी आप वर्णन कर सकते हैं?

[8] सामाजिक आंदोलन
Chapter: [8] सामाजिक आंदोलन
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भारत में पुराने तथा नए सामाजिक आंदोलनों में स्पष्ट भेद करना कठिन है |

[8] सामाजिक आंदोलन
Chapter: [8] सामाजिक आंदोलन
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उपनिवेशवाद का हमारे जीवन पर किस प्रकार का प्रभाव पड़ा है? आप या तो किसी एक पक्ष जैसे संस्कृति या राजनीति को केंद्र में रखकर, या सारे पक्षों को जोड़कर विश्लेषण कर सकते हैं |

[1] संरचनात्मक परिवर्तन
Chapter: [1] संरचनात्मक परिवर्तन
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जनसांख्यिकीय संक्रमण के सिद्धांत के बुनियादी तर्क को स्पष्ट कीजिए। संक्रमण अवधि ‘जनसंख्या विस्फोट’ के साथ क्यों जुड़ी है?

[2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
Chapter: [2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
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माल्थस का यह विश्वास क्यों था कि अकाल और महामारी जैसी विनाशकारी घटनाएँ, जो बड़े पैमाने पर मृत्यु का कारण बनती हैं, अपरिहार्य हैं?

[2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
Chapter: [2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
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मृत्यु दर और जन्म दर का क्या अर्थ है? कारण स्पष्ट कीजिए कि जन्म दर में गिरावट अपेक्षाकृत धीमी गति से क्यों आती है जबकि मृत्यु-दर बहुत तेजी से गिरती है।

[2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
Chapter: [2] भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना
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हित समूह प्रकार्यशील लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। चर्चा कीजिए।

[3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
Chapter: [3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
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संविधान सभा की बहस के अंशों का अध्ययन कीजिए। हित समूहों को पहचानिए। समकालीन भारत में किस प्रकार के हित समूह हैं? वे कैसे कार्य करते हैं?

[3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
Chapter: [3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
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 जाति व्यवस्था में पृथक्करण (separation) और अधिक्रम (hierarchy) की क्या भूमिका है?

[3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Chapter: [3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
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वे कौन से नियम हैं, जिनका पालन करने के लिए जाति व्यवस्था बाध्य करती है? कुछ के बारे में बताइए।

[3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Chapter: [3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
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ग्रामीणों की आवाज को सामने लाने में 73वाँ संविधान-संशोधन अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। चर्चा कीजिए।

[3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
Chapter: [3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
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उपनिवेशवाद के कारण जाति व्यवस्था में क्या-क्या परिवर्तन आए?

[3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Chapter: [3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
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एक निबंध लिखकर उदाहरण देते हुए उन तरीकों को बताइए जिनसे भारतीय संविधान ने साधारण जनता के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण है और उनकी समस्याओं का अनुभव किया है।

[3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
Chapter: [3] भारतीय लोकतंत्र की कहानियाँ
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किन अर्थों में नगरीय उच्च जातियों के लिए जाति अपेक्षाकृत ‘अदृश्य’ हो गई?

[3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
Chapter: [3] सामाजिक संस्थाएँ : निरंतरता एवं परिवर्तन
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कृषि मजदूरों की स्थिति तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक उर्ध्वगामी गतिशीलता के अभाव के बीच सीधा संबंध है। इनमें से कुछ के नाम बताइए।

[4] ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन
Chapter: [4] ग्रामीण समाज में विकास एवं परिवर्तन
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‘अदृश्य हाथ’ का क्या तात्पर्य हैं?

[4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
Chapter: [4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
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बाजार पर समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण, आर्थिक दृष्टिकोण से किस तरह अलग है?

[4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
Chapter: [4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
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व्यापार की सफलता में जाति एवं नातेदारी संपर्क कैसे योगदान कर सकते हैं?

[4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
Chapter: [4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
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उपनिवेशवाद के आने के पश्चात् भारतीय अर्थव्यवस्था किन अर्थों में बदली?

[4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
Chapter: [4] बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
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सामाजिक स्तरीकरण की कुछ विशेषताएँ बतलाइए।

[5] सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
Chapter: [5] सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
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