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बाजार पर समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण, आर्थिक दृष्टिकोण से किस तरह अलग है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

बाजार पर समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण, आर्थिक दृष्टिकोण से किस तरह अलग है?

दीर्घउत्तर
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उत्तर

एडम स्मिथ तथा अन्य चिंतकों ने आधुनिक अर्थशास्त्र की विचारधारा को विकसित किया। यह विचार इस बात पर आधारित है कि अर्थव्यवस्था को एक पृथक् हिस्से के रूप में पढ़ा जा सकता है, जो बड़े सामाजिक एवं राजनीतिक संदर्भ से अलग | है, जिसमें बाज़ार अपने स्वयं के नियमों के अनुसार कार्य करता है।
दूसरी तरफ, समाजशास्त्रियों ने बड़े सामाजिक ढाँचे । के अंदर आर्थिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को समझने के लिए एक वैकल्पिक तरीके का विकास करने का प्रयास किया है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि बाज़ार सामाजिक संस्थाएँ हैं, जो विशेष सांस्कृतिक तरीकों द्वारा निर्मित हैं। इनका मानना है। कि अर्थशास्त्र समाजशास्त्र में रच-बस गया है।

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बाजार और अर्थव्यवस्था का समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य
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पाठ 4: बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में - प्रश्नावली [पृष्ठ ८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Samaajhshaastra Bhartiya Samaajh [Hindi] Class 12
पाठ 4 बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
प्रश्नावली | Q 2. | पृष्ठ ८२
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