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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?
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‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
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‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर बताइए कि नवाब साहब को खीरे खाने की तैयारी करते देख लेखक ने क्या सोचा? उसके मन में कौन-सी इच्छा जगी और नवाब साहब के पूछने पर उसने खाने से क्यों मना कर दिया?
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इस सत्र में पढ़ी गई किस कविता में कवि ने बादलों के विविध रूपों का चित्रण किया है? उनका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
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‘कन्यादान’ कविता में माँ की परंपरागत छवि से हटकर नए दृष्टिकोण से विचार किया गया है। उसमें नया क्या है? आप उन विचारों से कहाँ तक सहमत हैं और क्यों?
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‘आग’ के विषय में माँ बेटी को क्या समझा रही है और क्यों? ‘आग’ के संकेत से कविता किस सामाजिक बुराई की ओर भी इशारा करती है? उल्लेख कीजिए।
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निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
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भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से, जरा भी उचित और अनुचित नहीं कुछ। |
- कवि को विश्वास है कि-
- वह अंधकार को उजाले में बदलेगा।
- वह पुराने को नए में बदलेगा।
- वह रात को शाम में बदलेगा।
- वह दुःख को सुख में बदलेगा।
- जीवन-मूल्यों के कमज़ोर पड़ने का कारण है-
- अंधी दौड़।
- वैज्ञानिक दौड़।
- विदेश की दौड़।
- आर्थिक दौड़।
- भारत की किस विशेषता पर पूरा विश्व गर्व करेगा?
- अहिंसक प्रवृत्ति
- वैज्ञानिक प्रगति
- ऐतिहासिक ज्ञान
- एकता की भावना
- 'किसी का अंधानुकरण न करके अपने लिए सही मार्ग का चयन करेंगे'- यह भाव कविता की किन पंक्तियों में आया है?
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
मगर हम नया भोर लाकर रहेंगे। - घृणा-स्वार्थ के इस कठिन संक्रमण में,
सुनो हम नया दौर लाकर रहेंगे। - भले ही किसी राह जाए जमाना,
मगर हम सही राह थामे रहेंगे। - मगर बात इतनी सुनो विश्व वालो,
इसी रोशनी में कभी हम बहेंगे।
- भले ही अँधेरा घिरे हर दिशा से,
- “कठिन दुर्ग पाखण्ड के सब ढहेंगे'- काव्य पंक्ति का आशय है-
- समाज से भेदभाव का नाश होगा।
- लोगों में स्वार्थ भावना का अंत होगा।
- समाज से आडंबरों का नाश होगा।
- अंधविश्वास रूपी किलों का पतन होगा।
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निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए-
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सुनता हूँ, मैंने भी देखा, |
- 'काले बादल' और 'चाँदी की रेखा' किनका प्रतीक हैं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए नीचे दिए प्रतीकों को पढ़कर उचित विकल्प का चयनकर लिखिए।
(a) विपत्तियाँ
(b) कालिमा
(c) आशा की किरण
(d) बिजली
विकल्प-
I. (a, b)
II. (c, d)
III. (a, c)
IV. (b, d) - स्वतंत्रता प्राप्ति के मार्ग में किस प्रकार के बादल छाए हुए हैं? नीचे दिए गए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जाति द्वेष के
(b) घनघोर-घटाओं के
(c) परस्पर वैमनस्य के
(d) वैश्विक अशांति के
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) -
कैसे वातावरण में आशा की किरण छिप जाती है? नीचे दिए कारकों को पढ़कर इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कर लिखिए।
(a) जब तेज वर्षा हो
(b) जब मन निराशा से भयभीत हो
(c) जब षड्यंत्र रचे जा रहे हों
(d) जब बादल न छाए हों
विकल्प-
I. (a, b)
II. (b, c)
III. (c, d)
IV. (a, d) - मोर-मोरनी द्वारा आँगन में नृत्य प्रस्तुत करने से क्या अभिप्राय है?
- उन दोनों का प्रसन्न होकर नृत्य करना।
- निराशा के बादल छँटने लगे, खुशियों ने दस्तक दे दी है।
- दोनों नृत्य कर बादलों को बरसने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
- मोर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं।
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'चाँदी की रेखा' को 'सोने की रेखा' में कब बदला जा सकता है?
- देश-जातियों की एकता होने पर
- काले बादलों के दूर होने पर
- बादलों में सूर्य के छिपने पर
- मृत्यु से भयभीत न होने पर
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -
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जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। |
- जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
- देशप्रेम की भावना
- कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
- मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना
- मूर्ति का रख-रखाव न होना
- हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
- उदारवादी
- अकल्पनीय
- प्रशंसनीय
- बचकाना
- “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
- कस्बे के लिए
- चौराहे के लिए
- नगरपालिका के लिए
- उत्साही लेखक के लिए
- उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
- मूर्ति ने कपड़े पहने हैं
- मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
- मूर्ति पर चश्मा बदल गया है
- मूर्ति को पेंट कर दिया है
- हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
- कस्बे में लगी मूर्ति देखने
- अपनी फैक्टरी का काम देखने
- अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
- कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
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किस घटना के आधार पर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे?
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शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -
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या अपने ही सरगम को लाँघकर |
- मुख्य गायक अपने ही सरगम को किस कारण लाँघ जाता है?
- गाने की रौ में भटकने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ देने के कारण
- संगतकार द्वारा साथ न देने के कारण
- संगतकार नौसिखिया था
- मुख्य गायक कहाँ भटक जाता है?
- समुद्र के भँवरजाल में
- बचपन की स्मृतियों में
- तबले की ताल में
- शोर-गूँज के भँवरजाल में
- मुख्य गायक के भटकने पर संगतकार उसकी सहायता कैसे करता है?
- उसका सामान उठाकर
- उसका हाथ पकड़कर
- स्थायी को सँभालकर
- बचपन की याद दिलाकर
- “जब वह नौसिखिया था”- इस वाक्य में 'वह' किसके लिए आया है?
- संगतकार
- मुख्य गायक
- संयोजक
- बाँसुरी वादक
- 'तारसप्तक' में जब बैठने लगता है उसका गला। यहाँ 'तारसप्तक' से क्या अभिप्राय है?
- धीमा स्वर
- शुद्ध स्वर
- दुगुना धीमा स्वर
- दुगुना ऊँचा स्वर
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गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -
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परशुराम के क्रोधित होने का कारण था -
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भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?
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'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?
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भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?
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'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -
“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”
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“मिट्टी के गुण-धर्म को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है?” 'फसल' कविता के आधार पर लिखिए।
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निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी/वस्तूपरक प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए।
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हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं। धरती की सेवा करते हैं खेत लगे हैं अपने घर से हाथों में लेकर हल-हँसिया हम धरती के बेटे बड़े कमेंरे हैं। |
- 'हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं!' से आशय है -
A. हम धरती के बहुत परिश्रमी बेटे हैं।
B. हम धरती के बहुत आलसी बेटे हैं।
C. हम धरती के बहुत बुद्धिमान बेटे हैं।
D. हम धरती के बहुत अज्ञानी बेटे हैं। - कवि ने किसानों को 'फसलों का रसिया' कहा है क्योंकि वे -
A. किसान फसलों को उगाते हैं
B. किसान फसलों को काटते है।
C. किसान फसलों से प्रेम करते हैं।
D. किसान फसलों को बेच देते हैं। - किसान 'धरती की सेवा' ______ करते हैं।
A. खेतों में फसल उगाकर
B. सर्दी, गर्मी, बरसात सहकर
C. बिना विश्राम परिश्रम कर
D. खेतों के पास घर बनाकर - कथन (A) और कारण (R) पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन (A): हमारे घर खेतों के पास स्थित होते हैं।
कारण (R): हमारे घर शहरों से दूर होते हैं।
A. कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
B. कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
C. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या है।
D. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या नहीं है। - 'हम किसानों ने धरती को फसलों के आवरण से ढक दिया है।' निम्नलिखित किस पंक्ति का यह आशय है -
A. तूफानों के मुँह फेरे हैं
B. रखवाले अपने खेतों के
C. धरती को साड़ी पहनाते
D. दूर-दूर तक भूख मिटाते
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