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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए − 'तीसरी कसम' फ़िल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है? - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

'तीसरी कसम' फ़िल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है?

टीपा लिहा
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उत्तर

तीसरी कसम फ़िल्म की कथा फणीश्वरनाथ रेणु की लिखी साहित्यिक रचना है। सेल्यूलाइड का अर्थ है- 'कैमरे की रील'। यह फ़िल्म भी कविता के समान भावुकता, संवेदना, मार्मिकता से भरी हुई कैमरे की रील पर उतरी हुई फ़िल्म है। इसलिए इसे सेल्यूलाइड पर लिखी कविता (रील पर उतरी हुई फ़िल्म) कहा गया है।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

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शैलेन्द्र के गीतों की क्या विशेषताएँ हैं। अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनके गीत भाव-प्रवण थे − दुरूह नहीं।


फ़िल्मों के संदर्भ में आपने अकसर यह सुना होगा-‘जो बात पहले की फ़िल्मों में थी, वह अब कहाँ’। वतर्ममान दौर की फ़िल्मों और पहले की फ़िल्मों में क्या समानता और अंतर है? कक्षा में चर्चा कीजिए।


लोकगीत हमें अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। तीसरी कसम’ फ़िल्म में लोकगीतों का प्रयोग किया गया है। आप भी अपने क्षेत्र के प्रचलित दो-तीन लोकगीतों को एकत्र कर परियोजना कॉपी पर लिखिए।


‘तीसरी कसम’ जैसी और भी फ़िल्में हैं, जो किसी न किसी भाषा की साहित्यिक रचना पर बनी हैं। ऐसी फ़िल्मों की सूची निम्नांकित प्रपत्र के आधार पर तैयार करें।

क्र. सं फिल्म का नाम साहित्यिक रचना भाषा रचनाकार
1. देवदास देवदास बंगला शरतचंद्र
2. ______ ______ ______ ______
3. ______ ______ ______ ______

संगम की सफलता से उत्साहित राजकपूर ने कन-सा कदम उठाया?


राजकपूर ने शैलेंद्र के साथ अपनी मित्रता? निर्वाह कैसे किया?


राजकपूर ने शैलेंद्र के साथ किस तरह यारउन्ना मस्ती की?


शैलेंद्र ने अच्छी फ़िल्म बनाने के लिए दवा किया?


शैलेंद्र द्वारा बनाई गई फ़िल्म चल रहीं, इसके कारण क्या थे?


हिंदी फ़िल्म जगत में एक सार्थक और उद्देश्यपरक फ़िल्म बनाना कठिन और जोखिम का काम है।’ स्पष्ट कीजिए।


‘राजकपूर जिन्हें समीक्षक और कलामर्मज्ञ आँखों से बात करने वाला मानते हैं’ के आधार पर राजकपूर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।


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