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English Medium इयत्ता १० - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - B

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Hindi Course - B
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मनुष्य मात्र बंधु है'से आप क्या समझते हैंस्पष्ट कीजिए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
व्यक्ति को किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिएइस कविता के आधार पर लिखिए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मनुष्यताकविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिएमहाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँत्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्तिविघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँबढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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अपने अध्यापक की सहायता से रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि पौराणिक पात्रों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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‘परोपकार’ विषय पर आधारित दो कविताओं और दो दोहों का संकलन कीजिए। उन्हें कक्षा में सुनाइए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध’ की कविता ‘कर्मवीर’ तथा अन्य कविताओं को पढ़िए तथा कक्षा में सुनाइए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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भवानी प्रसाद मिश्र की ‘प्राणी वही प्राणी है’ कविता पढ़िए तथा दोनों कविताओं के भावों में व्यक्त हुई समानता को लिखिए।

[3] मनुष्यता
Chapter: [3] मनुष्यता
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‘विचार लो कि मर्त्य हो’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है? इसे सुमृत्यु कैसे बनाया जा सकता है?

[3] मनुष्यता
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कवि किसके जीने और मरने को एक समान बताता है?

[3] मनुष्यता
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“अखंड आत्मभाव भरने’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

[3] मनुष्यता
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मनुष्य किसी अन्य को अनाथ समझने की भूल कब कर बैठता है?

[3] मनुष्यता
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हमें किसी को अनाथ क्यों नहीं समझना चाहिए?

[3] मनुष्यता
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उशीनर कौन थे? उनके परोपकार का वर्णन कीजिए।

[3] मनुष्यता
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कवि ने महाविभूति किसे कहा है और क्यों?

[3] मनुष्यता
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अपने लिए जीने वाला कभी मरता नहीं’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?

[3] मनुष्यता
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कवि ने सफलता पाने के लिए मनुष्य को किस तरह प्रयास करने के लिए कहा है?

[3] मनुष्यता
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