SSC (Hindi Medium)
Academic Year: 2023-2024
Date & Time: 16th July 2024, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचनाएँ:
- सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य, पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग करें।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
‘यास्नाया पोल्याना’ मास्को के दक्षिण में कोई २०० किलोमीटर पर है। जब हम मास्को से रवाना हुए तो चारों ओर मंत्रमुग्ध करने वाली दृश्यावलि दिखाई पड़ी। देवदार और भोज वृक्षों के झुरमुट पंक्ति बाँधे सैनिकों की भाँति खड़े थे। हम यह दृश्यावलि देखते, कभी बातें करते, कभी इस सुषमा का मूकपान करते चले जा रहे थे। हमारी गाड़ी सुंदर सड़क पर पक्षी की भाँति उड़ी जा रही थी। रास्ते में छोटे-छोटे परंतु सुंदर मकान मिले, कुछ काठ के बने थे, कुछ कंक्रीट के चमकदार हरे और लाल रंग के थे। ऐसा लगता था मानो कोई जादूगर अपने खिलौने छोड़ गया हो। मुझे यह देखकर विस्मय हुआ कि एक गाँव का नाम ‘चेखोव’ था। ‘चेखोव’ यहाँ लंबे समय तक रहे थे। यह कितनी अच्छी बात है कि इस महान लेखक की स्मृति को सोवियत संघ में सँजोकर रखा गया है। रात में हम ‘तुला’ नामक छोटे किंतु बहुत पुराने शहर में रुके। तुला हमारे यहाँ के प्राचीन नगरों जैसा है। सवेरे हम ‘यास्नाया पोल्याना’ पहुँचे। ‘यास्नाया पोल्याना’ का स्वागत करने के लिए हम अपनी गाड़ी से उतर पड़े। |
(1) तालिका में लिखिए: 2
| गद्यांश में उल्लिखित | |
| शहर | -------------------- |
| दिशा | -------------------- |
| वृक्ष | -------------------- |
| गाँव | -------------------- |
(2) निम्नलिखित असत्य कथन को सत्य करते हुए पुनः लिखिए: 2
- ‘चेखोव’ गाँव में टॉल्स्टॉय लंबे समय तक रहे।
- ‘तुला’ नामक शहर बहुत नया है।
(3) ‘स्मारकों का संवर्धन करना हमारा उत्तरदायित्व है’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 3
Chapter:
निम्नलिखित पठित गदूयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
“सबसे आगे वाला उनका नेता होता है। वही उड़ने की रफ्तार और दिशा तय करता है। उसके पंखों को बाकियों से ज्यादा मेहनत करनी होती है। सामने आने वाले खतरों को वह पहले पहचानता है। वह हवा को काटता है, उसके बाद बाकी के हंस हवा को काटते हुए चलते हैं और अपने से पीछे उड़ने वाले हंसों के लिए वह उड़ान को आसान बनाते चलते हैं।” माँ कहतीं। “लेकिन माँ, सबसे आगे वाला ज्यादा मेहनत करता है और सबसे पीछे वाले के लिए रास्ता आसान बनाता चलता है, ऐसा क्यों? उससे उसे क्या फायदा?” “मैंने कहा न कि ये रिश्तेदार हैं। ये जानते हैं कि कर भला तो हो भला इसलिए ये एक-दूसरे का साथ देते हुए चलते हैं। ये बहुत दूर तक उड़ते हुए चले जाते हैं। ये एक बार में दस घंटे उड़ सकते हैं।” “दस घंटे” “हाँ, बेटा। कई बार उससे भी ज्यादा। इनमें सबसे आगे वाला हंस सबसे अधिक मेहनत करता है। फिर जब वह थकने लगता है तो सबसे पीछे वाला उसकी जगह लेने पहुँच जाता है। ऐसे ही सारे हंस उड़ते हुए अपनी-अपनी जगह बदलते चले जाते हैं। मैंने बताया न, सबसे आगे वाला नेता होता है और वह दूसरे हंसों के लिए उड़ान को आसान बनाता हुआ अपने पंखों से हवा को काटता चलता है।” |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: 2

(2) कारण लिखिए: 2
-
- सबसे आगे वाला हंस ज्यादा मेहनत करता है, कारण --------------
- हंस एक-दूसरों का साथ देते हुए चलते हैं, कारण --------------
(3) ‘कर भला तो हो भला’ इस कथन पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 3
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गदूयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
जीवन निर्वाह या धन कमाने के लिए अनेक व्यवसाय चल रहे हैं। इनके मोटे तौर पर दो वर्ग किए जा सकते हैं। कुछ व्यवसाय ऐसे हैं, जिनमें शरीर श्रम आवश्यक है और कुछ ऐसे हैं जो बुद्धि के बल पर चलाए जाते हैं। पहले प्रकार के व्यवसाय को हम श्रमजीवियों के व्यवसाय कहें और दूसरों को बुद्धिजीवियों के। राज-काज चलाने वाले मंत्री आदि तथा राज के कर्मचारी ऊँचे-ऊँचे पद से लेकर नीचे के क्लर्क तक, न्यायाधीश, वकील, डॉक्टर, अध्यापक, व्यापारी आदि ऐसे हैं जो अपना भरण-पोषण बौद्धिक काम से करते हैं। शरीर श्रम से अपना निर्वाह करने वाले हैं - किसान, मजदूर, बढ़ई, राज, लुहार आदि। समाज के व्यवहार के लिए इन बुद्धिजीवियों और श्रमजीवियों, दोनों प्रकार के लोगों की जरूरत है। बुद्धिजीवियों का जीवन श्रमजीवियों पर आधारित है। ऐसा होते हुए भी दुर्भाग्य यह है कि श्रमजीवियों की मजदूरी एवं आमदनी कम है, समाज में उनकी प्रतिष्ठा नहीं और उनको अपना जीवन प्रायः कष्ट में ही बिताना पड़ता है। |
(1) लिखिए: (2)
(2) तुलना कीजिए: (2)
| श्रमजीवी | बुद्धिजीवी |
| (i) -------------- | -------------- |
| (ii) -------------- | -------------- |
(3) ‘मेवे फलते श्रम की डाल पर’ इस कथन पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| बुद्धि, मनीषा, मति, आशा, चिंता तेरे हैं कितने नाम! अरी पाप है तू, जा, चल जा यहाँ नहीं कुछ तेरा काम। विस्मृत आ, अवसाद घेर ले, नीरवते! बस चुप कर दे, चेतनता चल जा, जड़ता से आज शून्य मेरा भर दे।'” “चिंता करता हूँ मैं जितनी उस अतीत की, उस सुख की, उतनी ही अनंत में बनती जातीं रेखाएँ दुख की। अरे अमरता के चमकीले पुतलो! तेरे वे जयनाद काँप रहे हैं आज प्रतिध्वनि बनकर मानो दीन; विषाद। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: 2

(2)
- निम्नलिखित शब्दों के लिए विलोम शब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: 1
- हर्ष × -----------
- जड़ता × -----------
- निर्देशानुसार कृति कीजिए: 1
उपसर्गयुक्त शब्द मूल शब्द प्रत्यययुक्त शब्द -------------- पाप --------------
(3) पदयांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। 2
Chapter:
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (ब्रजवासी) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]
Chapter: [1.09] ब्रजवासी (पद्य)
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (चलो आज हम दीप जलाएँ) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [1]
Chapter: [2.12] चलो आज हम दीप जलाएँ (पद्य)
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मनुष्य की सर्जनात्मक अभिव्यक्ति में सबसे अधिक समर्थ और अक्षर भाषा ही होती है। वही मानव के आंतरिक तथा बाह्य जीवन के परिष्कार का आधार है, क्योंकि बौद्धिक क्रिया तथा मनोरागों की अभिव्यक्ति तथा उनके परस्पर संबंधों को संग्रथित करने में भाषा एक स्निग्ध किंतु अटूट सूत्र का कार्य करती है। भाषा में स्वर, अर्थ, रूप, भाव तथा बोध का ऐसा समन्वय रहता है, जो मानवीय अभिव्यक्ति को व्यष्टि से समष्टि तक विस्तार देने में समर्थ है। मानव व्यक्तित्व के समान ही उसकी वाणी का निर्माण दोहरा होता है। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: 2

(2) ‘भाषा का महत्त्व’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए 2
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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नानक, कबीर, गौर-संकर, श्रीराम-कृष्ण |
(1) उत्तर लिखिए: 2
| पदयांश में आए चार कवियों के नाम |
| (i) -------------------------------- |
| (ii) -------------------------------- |
| (iii) -------------------------------- |
| (iv) -------------------------------- |
(2) ‘भारतीय इतिहास हमें प्रेरणा देता है’ इस कथन पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। 2
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
भीतर
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
और
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
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कृति पूर्ण कीजिए:
| शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
| संदेश | ------ + ------ | ---------- |
Chapter:
निम्नलिखित सामासिक शब्द का विग्रह करके समास का प्रकार लिखिए:
| शब्द | समास विग्रह | प्रकार |
| आजीवन | ---------- | ---------- |
Chapter:
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
| रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून |
-------------- | -------------- |
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित्त वाक्य में प्रयोग कीजिए:
दिल बैठना -
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
ताव आना -
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिहननों का प्रयोग कीजिए:
आशा है कभी आप उसे पढ़ पाएँगे
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में से कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
दीन व्यक्ति के लिए हर दोष दूर करना संभव नहीं है।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
आप ने किस अवस्था में लिखना शुरू किया?
Chapter:
उत्तर लिखिए:
| प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा॥ गरल सुधा रिपु करहिं मिठाई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥ |
- प्रथम तथा तृतीय चरण की मात्राएँ --------- हैं।
- यह --------- छंद है।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
वह आटो खोज रही थी। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
माँ मुझे हंसों की ढेर सारी कहानियाँ सुनातीं। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter:
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निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
आखिर सब लोग खाना खाने उठे और बैठक से बाहर निकले।
Chapter:
अर्थ के आधार पर निम्नलिखित वाक्य का दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
सितंबर का अंतिम सप्ताह था। (प्रश्नार्थक वाक्य)
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन कीजिए:
रोहन/रोहिणी देसाई, 125, गुलजार कालोनी, पंचवटी, नाशिक से अपने मित्र/सहेली अभय/अभया पाटिल, सेवा सदन, बड़ी कोठी मार्ग, नागपुर को वक्तृत्व प्रतियोगिता में 'प्रथम स्थान' प्राप्त करने के उपलक्ष्य में अभिनंदन पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
सुधाकर/सुधा देशपांडे, 325/28, महात्मा गाँधी रोड, यवतमाल से अपने मोहल्ले में नियमित जलापूर्ति के लिए नगरपालिका यवतमाल को पत्र 'लिखता/लिखती है।
Chapter:
निम्नलिखित गदूयांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गदूयांश में एक-एक वाक्य में हों:
| लाड़ली को काकी से अत्यंत प्रेम था। बेचारी भोली लड़की थी। बालविनोद और चंचलता की उसमें गंध तक नहीं थी। दोनों बार जब उसके माता-पिता ने काकी को निर्दयता से घसीटा तो लाड़ली का हृदय ऐंठकर रह गया। वह झुँझला रही थी कि यह लोग काकी को क्यों बहुत-सी पूड़ियाँ नहीं दे देते। उसने अपने हिस्से की पूड़ियाँ बिलकुल न खाई थीं। अपनी गुड़ियों की पिटारी में बंद कर रखी थीं। उन पूड़ियों को काकी के पास ले जाना चाहती थी। उसका हृदय अधीर हो रहा था। बूढ़ी काकी मेरी बात सुनते ही उठ बैठेंगी, पूड़ियाँ देखकर कैसी प्रसन्न होंगी! मुझे खूब प्यार करेंगी। |
Chapter:
हिंदी माध्यमिक विद्यालय, नाशिक में मनाए गए, 'वृक्षारोपण सप्ताह' समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत-लेखन कीजिए। (वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना आवश्यक है।)
Chapter:
निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख भी लिखिए:
| बूढ़ा किसान – चार बेटे – चारों आलसी – किसान दुखी और चिंतित – अंतकाल में बेटों से कहना 'खेत में गड़ा धन' – किसान की मृत्यु – बेटों द्वारा खेत में खुदाई – धन न मिलना – खेत में अच्छी फसल होना – पिता की बात का अर्थ समझना। |
Chapter:
आपके पिताजी ने पाठ्यपुस्तकों की दुकान खोली है, उसके प्रचार के लिए लगभग 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए।
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
‘यदि मेरा घर अंतरिक्ष में होता,’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लेखन कीजिए।
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
‘जल है तो कल है’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
एक किसान की आत्मकथा
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
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