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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| यहाँ हर शख्स हर पल हादिसा होने से डरता है, 'खिलौना है जो मिट्टी का, फना होने से डरता है। मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम-सा बच्चा, बड़ों की देखकर दुनिया बड़ा होने से डरता है। न बस में जिंदगी इसके, न काबू मौत पर इसका, 'मगर इन्सान फिर भी कब खुदा होने से डरता है। अजब ये जिंदगी की कैद है, दुनिया का हर इन्साँ, रिहाई माँगता है और रिहा होने से डरता है। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए : (2)

(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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उत्तर
(1)

(2) ये पंक्तियाँ मनुष्य की परेशानियों और एकांत को दर्शाती हैं। मनुष्य के हाथ में कोई जीवन या मृत्यु नहीं है, लेकिन मनुष्य ईश्वर होने से डरता है। कुछ लोग जीवन में फंसा हुआ महसूस करते हैं और बाहर निकलना चाहते हैं। वह जीवन के संभावित नुकसान से डरता है। यद्यपि मनुष्य संसार में सुखी प्रतीत होता है, परन्तु वास्तव में वह इससे परेशान है।
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| यहाँ हर शख्स हर पल हादिसा होने से डरता है, खिलौना है जो मिट्टी का, फना होने से डरता है। मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम सा बच्चा बड़ों को देखकर दुनिया बड़ा होने से डरता है। न बस में जिंदगी इसके, न काबू मौत पर इसका, मगर इन्सान फिर भी कब खुदा होने से डरता है। अजब ये जिंदगी की कैद है, दुनिया का हर इन्सान, रिहाई माँगता है और रिहा होने से डरता है। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए - (2)
| जीवन की विशेषताएँ |
| 1. ______ |
| 2. ______ |
| 3. ______ |
| 4. ______ |
(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
कृति पूर्ण कीजिए:

संजाल पूर्ण कीजिए:

कृति में दिए गजल में प्रयुक्त शब्दों की उचित जोड़ियाँ क्रमशः अ और आ तालिका में लिखिए:

| अ | आ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
अजब ये जिंदगी की ______ है।
रिहाई माँगता है और ______ होने से डरता है।
‘जीवन में डर की जगह सावधानी एवं साहस चाहिए’ विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
