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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| यहाँ हर शख्स हर पल हादिसा होने से डरता है, खिलौना है जो मिट्टी का, फना होने से डरता है। मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम सा बच्चा बड़ों को देखकर दुनिया बड़ा होने से डरता है। न बस में जिंदगी इसके, न काबू मौत पर इसका, मगर इन्सान फिर भी कब खुदा होने से डरता है। अजब ये जिंदगी की कैद है, दुनिया का हर इन्सान, रिहाई माँगता है और रिहा होने से डरता है। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए - (2)
| जीवन की विशेषताएँ |
| 1. ______ |
| 2. ______ |
| 3. ______ |
| 4. ______ |
(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
थोडक्यात उत्तर
तक्ता
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उत्तर
(1)
| जीवन की विशेषताएँ |
| 1. क्षणभंगुरता |
| 2. अस्थायीपन |
| 3. खुदा होने का घमंड |
| 4. मोक्ष की चाह पर मरने से डरना |
(2) प्रस्तुत गलज 'राजेश रेड्डी' द्वारा रचित 'दो गजलें' से ली गयी है, जो उनके 'उड़ान' गजल संग्रह का भाग है। इस गजल के माध्यम से 'गजलकार इंसान की परेशानी को बताता है। न तो जिंदगी इंसान के बस में है न ही मौत उसके अधीन है। फिर भी इंसान अपने आपको ईश्वर मानने से डरता नहीं है। गजलकार आगे कहता है कि इंसान की जिंदगी एक कैद के समान है। हर इंसान इस कैद से छुटकारा चाहता है पर छुटकारे का समय आने पर उससे डरता है।
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दो गजलें
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
