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प्रश्न
वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में आपके मित्र/सहेली ने आपको बधाई पत्र भेजा है, उसे धन्यवाद देते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखिए :
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दिनांक : ______ विषय विवेचन : ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ तुम्हारा/तुम्हारी, |
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उत्तर
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दिनांक : १५ अगस्त २०२० तुम्हारा पत्र दो दिन पूर्व ही मिला। विद्यालय की वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त होने के उपलक्ष्य में तुम्हारी तरफ से मिली बधाई को मैं स्वीकार करते हुए तुम्हारा धन्यवाद करता हूँ। वास्तव में मेरी इस सफलता में तुम जैसे मित्रों का मुझे सदा उत्साह दिलाते रहने का बड़ा हाथ है। तुम तो जानते हो, मंच पर बोलने में मुझे कितनी झिझक होती थी। पर तुम जैसे मित्रों और हमारे कक्षा अध्यापक के निरंतर प्रोत्साहन से आज मुझे विद्यालय के वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ हैं। में इसके लिए तुम जैसे अपने सभी मित्रों और अपने कक्षा अध्यापक नरेश कौशल जी का तहे दिल से आभारी हूँ। मेरा, उत्साह बढ़ाने के लिए धन्यवाद! तुम्हारा मित्र, |
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संबंधित प्रश्न
आपके मोहल्ले में लावारिस/आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है जिससे आने-जाने वाले लोगों को असुविधा होती है। अतः लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम अधिकारी को एक पत्र लिखिए।
सूचना:– आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।
सूचनाओंके अनुसार लेखन कीजिए: (05)
1. पत्रलेखन:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
राधेय/राधा चौगुले, रामेश्वरनगर, वर्धा से दोहा प्रतियोगिता में प्रथम क्रमांक प्राप्त करने के कारण अभिनंदन करते हुए अपने मित्र/सहेली किशोर/किशोरी पाटील, स्टेशन रोड, जालना को पत्र लिखता/लिखती है।
अथवा
अशोक/आशा मगदुम, लक्ष्मीनगर, नागपुर से व्यवस्थापक, कौस्तुभ पुस्तक भंडार, सदर बाजार, नागपुर को प्राप्त पुस्तकों संबंधी शिकायत करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
2. निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों: (04)
स्वाधीन भारत में अभी तक अंग्रेजी हवाओंमें कुछ लोग यह कहते मिलेंगे – जब तक विज्ञान और तकनीकी ग्रंथ हिंदी में न हो तब तक कैसे हिंदी में शिक्षा दी जाए। जब कि स्वामी श्रद्धानंद स्वाधीनता से भी चालीस साल पहले गुरुकुल काँगड़ी में हिंदी के माध्यम से विज्ञान जैसे गहन विषयों की शिक्षा दे रहे थे। ग्रंथ भी हिंदी में थे और पढ़ाने वाले भी हिंदी के थे। जहाँ चाह होती है वहीं राह निकलती है। एक लंबे अरसे तक अंग्रेज गुरुकुल काँगड़ी को भी राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग मानते रहे। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि गुरुकुल के स्नातकों में स्वाधीनता की अजीब तड़प थी। स्वामी श्रद्धानंद जैसा राष्ट्रीय नेता जिस गुरुकुल का संस्थापक हो और हिंदी शिक्षा का माध्यम हो; वहीं राष्ट्रीयता नहीं पनपेगी तो कहाँ पनपेगी। स्वामी जी से मिलने देश के प्रमुख राष्ट्रीय नेता भी गुरुकुल आते रहते थे।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन तैयार कीजिए-

सुभाष/सुषमा देशपांडे, 47 हेमकुज, 7 शनिवार पेठ, नागपुर से मैनेजर, देना बैंक, लक्ष्मी भवन, पुणे को लिपिक की नौकरी के लिए प्रार्थना पत्र लिखता/लिखती है।
आप अनन्य/अनन्या हैं। विभिन्न उत्सवों में भोजन की बर्बादी पर अपने विचारों से लोगों को जागरूक करने के लिए किसी हिंदी समाचार-पत्र के संपादक के नाम लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
चेतना सोनवणे/चेतन सोनवणे, आझाद नगर, चिखली से अपनी सहेली/मित्र फरहाना शेख/फरहान शेख, 'तिलक नगर, रायपुर को बहन की शादी में आमंत्रित करने के लिए पत्र लिखती/लिखता है।
आप तनुज/तनुजा हैं। विद्यालय के पुस्तकालय में छात्रों को समसामयिक विषयों पर पुस्तकों का अभाव खटकता है। प्रधानाचार्य जी को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखकर इस विषय से संबंधित पुस्तकें मँगवाने के लिए निवेदन कीजिए।
आप शौर्य शर्मा/शारवी शर्मा हैं। नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखिए जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के सुझाव हों।
(शब्द-सीमा - लगभग 100 शब्द)
किसी यात्रा पर जाने के लिए आरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त करने हेतु राज्य के पर्यटन विभाग को पत्र लिखिए।
कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र:
दूरदर्शन
