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प्रश्न
विरासत के प्रति ठकुराइन की क्या सोच थी? उनकी इस सोच से आज के युवाओं को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?
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उत्तर
विरासत के प्रति ठकुराइन की सोच सकारात्मक थी। वे अपने पुरखों की वस्तुओं से लगाव ही नहीं रखती हैं बल्कि उनकी महत्ता भी समझती हैं। उन्होंने अपने घर में पीतल के गिलास अब तक सँभालकर रखे हैं जबकि इन्हें खरीदने वाले कई बार आए। पुरखों की गाढ़ी कमाई से बनी इन वस्तुओं को वे हराम के भाव नहीं बेचना चाहती है। इन वस्तुओं को खरीदने के लिए पुरखों ने अपनी कई इच्छाएँ दबाईं होंगी और दो-दो पैसे जमा किए होंगे। ठकुराइन की ऐसी सोच से आज के युवाओं को यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे इस ज़माने में भी उनका मूल्य समझें विरासत से जुड़ी ऐसी वस्तुओं को नष्ट होने से बचाएँ और उनका संरक्षण करें ताकि आने वाली पीढ़ी इनसे परिचित हो सके।
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