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पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।

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प्रश्न

पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

"जो दिखता है वही बिकता है"। आज के युग ने इसी कथ्य को स्वीकारा है। ज़्यादातर लोग अच्छे विज्ञापन, उत्पाद के प्रतिष्ठा चिह्न को देखकर प्रभावित होते हैं। दिखावे की इस संस्कृति ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दूरियाँ बढ़ा दी है। यह संस्कृति मनुष्य में भोग की प्रवृति को बढ़ावा दे रही है। हमें इस पर नियंत्रण करना चाहिए।

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गद्य (Prose) (Class 9 A)
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पाठ 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
पाठ 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
प्रश्न अभ्यास | Q 7 | पृष्ठ ३९

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