Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?
Advertisements
उत्तर
पहले लेखक प्रेमचंद के साधारण व्यक्तित्व को परिभाषित करना चाहते हैं कि ख़ास समय में ये इतने साधारण हैं तो साधारण मौकों पर ये इससे भी अधिक साधारण होते होंगे। परन्तु फिर बाद में लेखक को ऐसा लगता है कि प्रेमचंद का व्यक्तित्व दिखावे की दुनिया से बिल्कुल अलग है क्योंकि वे जैसे भीतर हैं वैसे ही बाहर भी हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कॉफ़ी हाउस पहुँचकर लेखक आतंकित क्यों हो गया? इस आतंक का उस पर क्या असर हुआ?
लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार की भागीदारी रही?
"...आपके लाड़ले बेटे की रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं..." उमा इस कथन के माध्यम से शंकर की किन कमियों की ओर संकेत करना चाहती है?
उमा की शिक्षा के विषय में प्रेमी और रामस्वरूप के विचार किस तरह अलग थे? इनमें से किसके विचार आप उचित मानते हैं और क्यों?
उमा की व्यथा आज के समय में कितनी प्रासंगिक है? इस स्थिति में सुधार लाने के लिए एक युवा होने के नाते आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे? ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी के आलोक में लिखिए।
उन परिस्थितियों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण टिहरी जैसा शहर माटी वाली की आजीविका कमाने की जगह बना हुआ है, ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए।
“न इस काबिल हुआ और न इसकी चिंता की।” लेखक ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है और क्यों ?
किन बातों से प्रकट होता है कि हीरा-मोती में भाई चारा था।
गया और उसके घरवाले हीरा-मोती को नियंत्रण में करने के लिए क्या योजना बना रहे थे?
हीरा और मोती अपने मालिक झूरी के साथ किस तरह का भाव रखते थे?
तिब्बत में यात्रियों के लिए कौन-सी अच्छी बातें हैं?
डाँड़े क्या हैं? वे सामान्य जगहों से किस तरह भिन्न हैं?
डाँड़े के देवता का स्थान कहाँ था? उसे किस प्रकार सजाया गया था?
सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थीं?
आशय स्पष्ट कीजिए :
वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गए थे।
नाना साहब कौन थे?
सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए -
(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।
(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।
(ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है।
(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो?
लेखक द्वारा कुंभनदास का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है?
यदि अन्य लोगों की तरह प्रेमचंद भी फ़ोटो का महत्त्व समझते तो क्या करते?
निम्नलिखित उपसर्ग-प्रत्ययों की सहायता से दो-दो शब्द लिखिए -
उपसर्ग - अन्, अ, सत्, स्व, दुर्
प्रत्यय - दार, हार, वाला, अनीय
