Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वीर कुंवर सिंह के जीवन से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? लिखिए।
Advertisements
उत्तर
वीर कुंवर सिंह के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि यदि मनुष्य के मन में किसी भी कार्य को करने की दृढ इच्छा हो तो कोई भी बाधा उसे आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती है। उनका जीवन हमें देश के लिए त्याग, बलिदान एवं संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उससे हमें परोपकारी बनने की प्रेरणा भी मिलती है। हमें भी वीर कुंवर सिंह के समान देश की सेवा करनी चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नहाकर लौटने पर दादी माँ लेखक के लिए क्या लेकर आई थी?
नदियों की धाराओं में डुबकियाँ लगाना लेखक को कैसा लगता था?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
बच्चों ने हाथी-घोड़े कितने में खरीदा था?
नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-
वि ______म
पुराने समय में किताबें कुछ लोगों तक ही सीमित थीं। तुम्हारे विचार से किस चीज़ के आविष्कार से किताबें आम आदमी तक पहुँच सकीं?
देखो, समझो और करो
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
(क) पहले खाने में घड़ा है।
(ख) तीसरे खाने में ______ है।
(ग) पाँचवे खाने में पगड़ी है।
(ङ) ______ खाने में कुर्ता है।
(च) नौंवे खाने में ______है।
(छ) ______ खाने में चूहा है।
(ज) दूसरे खाने में ______ है।
(झ) ______ खाने में ______ है। यह हमारा राष्ट्रीय पक्षी है।
(ञ) ______ खाने में ______ है। इसे चेहरे पर लगाते हैं।
भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/नर्तकियों के नाम पता करो और कक्षा में सबको बताओ।
'उनके खयाल में शायद ही यह बात आ सके कि बूढे हिमालय की गोद में बच्चियाँ बनकर ये कैसे खेला करती हैं।’
• उपर्युक्त पंक्ति में ‘ही’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। ‘ही’ वाला वाक्य नकारात्मक अर्थ दे रहा है। इसीलिए ‘ही’ वाले वाक्य में कही गई बात को हम ऐसे भी कह सकते हैं-उनके खयाल में शायद यह बात न आ सके।
• इसी प्रकार नकारात्मक प्रश्नवाचक वाक्य कई बार ‘नहीं’ के अर्थ में इस्तेमाल नहीं होते हैं, जैसे-महात्मा गाँधी को कौन नहीं जानता? दोनों प्रकार के वाक्यों के समान तीन-तीन उदाहरण सोचिए और इस दृष्टि से उनको विश्लेषण कीजिए।
“वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”
“क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली?”
“दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”
• भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते। आप ये बातें कैसे कहेंगे?
माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ़ माधवदास की नज़र में चिड़िया की ज़िद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।
चिड़िया किसे महत्त्व देती है और क्यों?
'मास्टर जी की आवाज' अब कम ऊँची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे।' 'मास्टर जी की आवाज़' धीमी क्यों हो गई होगी? लिखिए।
क्या आपको कंचे अच्छे लगते हैं? क्या आप उनसे कभी खेले हैं?
आपको कई बार लगता होगा कि आप कईछोटे-मोटे काम (जैसे - घर की पुताई, दूध दुहना, खाट बुनना) करना चाहें तो कर सकते हैं। ऐसे कामों की सूची बनाइए, जिन्हें आप चाहकर भी नहीं सीख पाते। इसके क्या कारण रहे होंगे? उन कामों की सूची भी बनाइए, जिन्हें आप सीखकर ही छोड़ेंगे।
बहुविकल्पी प्रश्न
धनराज कितने कक्षा तक पढ़ाई की?
बहुविकल्पी प्रश्न
बड़े मियाँ के भाषण की तुलना किससे की गई है?
बहुविकल्पी प्रश्न
मोर के दोनों बच्चों को चिड़ीमार कहाँ से पकड़कर लाया था?
बहुविकल्पी प्रश्न
लेखिका को क्या ज्ञात नहीं हो पाया?
आप जानते हैं कि किसी शब्द को बहुवचन में प्रयोग करने पर उसकी वर्तनी में बदलाव आता है। जैसे-सेनानी एक व्यक्ति के लिए प्रयोग करते हैं और सेनानियों एक से अधिक के लिए। सेनानी शब्द की वर्तनी में बदलाव यह हुआ है कि अंत के वर्ण 'नी' की मात्रा दीर्घ 'ी' (ई) से ह्रस्व 'ि' (इ) हो गई है। ऐसे शब्दों को, जिनके अंत में दीर्घ ईकार होता है, बहुवचन बनाने पर वह इकार हो जाता है, यदि शब्द के अंत में ह्रस्व इकार होता है, तो उसमें परिवर्तन नहीं होता जैसे-दृष्टि से दृष्टियों।
नीचे दिए गए शब्दों का वचन बदलिए-
-
नीति ______
ज़िम्मेदारियों ______
सलामी______
स्थिति______
स्वाभिमानियों______
गोली______
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
वीरगति पाना










