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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी कला (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ११ वी

‘उषा की दीपावली’ लघुकथा द्वारा प्राप्त संदेश लिखिए।

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प्रश्न

‘उषा की दीपावली’ लघुकथा द्वारा प्राप्त संदेश लिखिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

 'उषा की दीपावली एक शिक्षाप्रद लघुकथा है। इस कथा में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें अनेक संदेश छुपे हुए हैं। बालिका उषा के घर में दीपावली के अवसर पर तरह-तरह के पकवान बनाए गए हैं, पर उषा की पसंद बाजारू चीजें हैं। इससे उसके मन में घर में बनी चीजों के प्रति अरुचि और बाजारू चीजों के प्रति आकर्षण के भाव दिखाई देते हैं, जो उचित नहीं हैं। बालिका उषा सफाई करने वाले बबन को आटे के बुझे हुए दीप कचरे के डिब्बे में न डालकर उन्हें सेंक कर खाने के लिए अपनी जेब में रखते हुए देखती है, तो उसकी आँखें ताज्जुब से भर उठती हैं। उसे लगता है कि एक ओर ऐसे लोग हैं, जो अनाज के एक-एक कौर को तरस रहे हैं और दूसरी ओर दावतों में भरी-भरी प्लेटें कचरे डिब्बें के हवाले कर दी जाती हैं, जिनसे कितने भूखे लोगों का पेट भर सकता था। इससे अन्न का सदुपयोग करने और उसकी बरबादी न करने का संदेश मिलता है।
बालिका उषा बबन के आटे के दीपक बटोरते हुए देख कर द्रवित हो उठती है और उससे रहा नहीं जाता। वह अपने घर जाती है और पकवानों से भरी थैली लेकर बबन के हाथ में रख देती है। इससे उसके मन में गरीबों के प्रति सहानुभूति और अपने आनंद में गरीबों को शामिल की प्रवृत्ति की झलक मिलती है।
इसके अलावा कहानी में आतिशबाजी पर पैसे बरबाद न करने और वातावरण को प्रदूषित न करने की ओर भी इशारा किया गया है। 

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गद्य (Prose) (11th Standard)
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पाठ 2: लघुकथाएँ (उषा की दीपावली, मुस्कु राती चोट) - पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रशन [पृष्ठ ८]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
पाठ 2 लघुकथाएँ (उषा की दीपावली, मुस्कु राती चोट)
पाठ पर आधारित लघूत्तरी प्रशन | Q 1 | पृष्ठ ८
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